मध्य प्रदेश में मानसून की भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त। इंदौर, खंडवा, हरदा और आष्टा समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, नदियों का जलस्तर बढ़ने से संपर्क कटा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
सतना जिले में लगातार बारिश से ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए हैं। चित्रकूट की मां मंदाकिनी नदी उफान पर है और गुप्त गोदावरी में पानी भरने से गेट बंद कर दिए गए। रामनगर क्षेत्र में भारी बारिश के चलते बाणसागर डैम के 10 गेट खोले गए हैं।
देशभर में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगह तो लोगों को खाने के लाले पड़ गए हैं। हालांकि राज्य सरकारें, राहत एवं आपदा प्रबंधन में जुटी हैं। शरणार्थी शिविरों में प्रभावितों को राहत सामाग्री पहुंचाई जा रही है।
सतना जिले में भारी बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सतना नदी में आए उफान के चलते धवारी-जिगनहट मार्ग समेत कई रास्ते बंद हो गए हैं। कोठी, बिरसिंहपुर, चित्रकूट, मझगवां सहित कई क्षेत्रों में रपटे डूब गए हैं और पुलों पर आवागमन रोक दिया गया है।
रीवा जिले में मूसलाधार बारिश से बिछिया और बीहर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। कई मोहल्ले जलमग्न हो गए, सड़कों पर पानी बह रहा है और राहत शिविरों में लोगों को शरण लेनी पड़ रही है। प्रशासन ने एनडीआरएफ के साथ रेस्क्यू शुरू किया है और कई इलाकों में अलर्ट जारी है।
चित्रकूट में मूसलाधार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर है। रामघाट, भरतघाट और जानकीकुंड जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर नाव चलानी पड़ी और कई इलाकों में बिजली और यातायात बाधित हो गया है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, राहत और बचाव कार्य जारी हैं।


















