वार्ड क्रमांक 5 में नाली निर्माण के दौरान भारी अनियमितताएं पकड़ में आने पर महापौर योगेश ताम्रकार ने मौके पर पहुँचकर गुणवत्ताहीन कार्य को तुरंत तोड़ने और नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए। ठेकेदार का भुगतान रोकते हुए चेतावनी दी गई कि निर्धारित मानकों से समझौता करने पर ब्लैकलिस्ट की कार्यवाही होगी।
सीबीआई की एसआईटी ने बताया कि भोले बाबा आर्गेनिक डेयरी, जो 2019 से 2024 तक घी की आपूर्ति कर रही थी, उसने कभी दूध या मक्खन की असली खरीदारी नहीं की, बल्कि रासायनिक पदार्थों जैसे मोनोडाईग्लिसराइड्स और एसिटिक एसिड एस्टर का इस्तेमाल कर कृत्रिम घी तैयार किया।
वहीं मंत्री ने मैन्युफैक्चरिंग प्रॉसेस के आडिट का आदेश दिया और 2400 किलोवाट की हाइड्रोजन बेस्ड ट्रेन के लॉन्च करने के साथ ग्रीन एनर्जी में एक बड़ी छलांग का ऐलान किया, जो पूरी तरह से भारत में डेवलप हुई है।
सिंगरौली जिले की देवसर जनपद पंचायत के बरका ग्राम में निर्माणाधीन शॉपिंग रूम के कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक द्वारा मानक विहीन निर्माण कराया जा रहा है। रेत, सीमेंट और सरिया की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, जबकि उपयंत्री को इसकी जानकारी तक नहीं है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि पंचायत में केवल रोजगार सहायक की मनमानी चल रही है और जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद हैं।
ब्योहारी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत करोड़ों की लागत से किए गए निर्माण कार्यों की पोल खुलने लगी है। दो महीने पहले बने रेलवे क्वार्टर और अन्य भवनों में बड़ी दरारें पड़ गईं। घटिया सामग्री और ठेकेदारों की मनमानी से स्टेशन परिसर जर्जर होने लगा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सतना वार्ड क्र. 1 में 38.95 लाख की घटिया पेवर्स रोड पकड़ी गई। मेयर योगेश ताम्रकार ने ठेकेदार को फटकार कर सड़क पुनर्निर्माण के निर्देश दिए।
सतना में मेयर योगेश ताम्रकार ने वार्ड 14 में 49 लाख से बन रही नाली की गुणवत्ता जांचते समय पैर से ठोकर मारी तो पूरी नाली टूटकर गिर गई। डस्ट और कम सीमेंट से बने इस घटिया निर्माण कार्य को देख मेयर ने संविदाकार व इंजीनियर को फटकार लगाते हुए काम दोबारा करने के आदेश दिए।
सुंदरा-सेमरिया राज्य मार्ग और आसपास की सड़कों की हालत बदहाल है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी पटरी और जर्जर डामर से लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में केवल खानापूर्ति हो रही है। 20 किलोमीटर के इस मार्ग पर अनगिनत गड्ढों से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
सीधी जिले में लोक निर्माण विभाग की सड़कों में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। जांच में उपयंत्री प्रभाष श्रीवास्तव और सहायक यंत्री दोनों को दोषी पाया गया, लेकिन केवल उपयंत्री को निलंबित किया गया। सहायक यंत्री स्तुति गौतम पर कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। विधायक ने भी पहले उनकी शिकायत की थी। घटिया सड़क निर्माण और संविदाकारों से मिलीभगत के आरोप लगातार चर्चा में हैं।
सिंगरौली में दशकों से पदस्थ एमपीआरडीसी के सहायक प्रबंधक पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगे हैं। फोरलेन और शहर की सड़कों की जर्जर हालत से जनता में भारी आक्रोश, स्थानांतरण की उठी मांग।






















