वार्ड क्रमांक 5 में नाली निर्माण के दौरान भारी अनियमितताएं पकड़ में आने पर महापौर योगेश ताम्रकार ने मौके पर पहुँचकर गुणवत्ताहीन कार्य को तुरंत तोड़ने और नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए। ठेकेदार का भुगतान रोकते हुए चेतावनी दी गई कि निर्धारित मानकों से समझौता करने पर ब्लैकलिस्ट की कार्यवाही होगी।
By: Ajay Tiwari
Dec 06, 20253:18 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
नगरीय क्षेत्र में चल रहे निर्माण व विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर अक्सर शिकायतें आती रहती हैं लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि निगम की नोटिस के बावजूद ठेकेदार घटिया निर्माण कार्य जारी रखे हुए था। इस बात की सूचना जैसे ही महापौर को लगी उन्होंने स्पीकर व निगम के कार्यपालन यंत्री के साथ मौके पर पहुंचकर स्वयं कार्य की गुणवत्ता व तय मापदंडों को देखा। मौके पर गुणवत्ताविहीन कार्य पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए महापौर योगेश ताम्रकार ने संविदाकार को गुणवत्ताविहीन कार्य को तोड़कर नए सिरे से उसका निर्माण कराने का निर्देश दिया साथ ही निगम के उपयंत्री व सहायक यंत्री को भी निर्देशित किया कि जब तक नए सिरे से काम न हो जाए तब तक संबंधित ठेकेदार का भुगतान न किया जाए।
12 लाख का काम सड़क के 8 इंच नीचे ढाल दी नाली
वार्ड क्र. 5 में बरदाडीह चौक से झंकार टाकीज के बीच चल रहे नाली निर्माण की लागत लगभग 12 लाख रुपए है और यहां ठेकेदार का कारनामा यह कि उसने सड़क से 6 से 8 इंच नीचे नाली बना दी, और सड़क की चौड़ाई कम हो गई। इसी तरह पानी निकाले बगैर ही नाली ढलाई की जा रही थी। निरीक्षण में मेयर को जो अन्य कमियां मिली उसमें 6 से 8 इंच की दीवार में दो इंच कवर नाली में चढ़ाया जा रहा था। इस कवर पर यदि कोई कार भी चढती तो नाली टूट कर धंस जाती। आयुषी बिल्डर्स द्वारा किए जा रहे इस काम पर मेयर ने सख्त नाराजगी जहां जताई है वहीं सहायक यंत्री केपी गुप्ता ने भी काम को गड़बड़ बताया है।
वार्ड क्र. पांच में दो निर्माण कार्यों में मिली अनियमितता
महापौर योगेश ताम्रकार को वार्ड क्र. पांच में बरदाडीह से पुरानी झंकार टाकीज तक चल रहे नाली के निर्माण कार्य और विंध्य चेम्बर आफ कामर्स के पीछे की गली में गुणवत्ताविहीन काम मिला। मेयर के निरीक्षण के दौरान स्पीकर राजेश चतुर्वेदी, कार्यपालन यंत्री आरपी सिंह, सहायक यंत्री केपी गुप्ता और दोनों निर्माण कार्यो की देखरेख कर रहे उपयंत्री सुलभ पाठक मौजूद रहे।
6 इंच की बजाय 24 इंच में डाली जा रही थी सरिया
महापौर ने विंध्य चेम्बर आफ कामर्स की गली के पीछे नाली निर्माण के काम को देखा जहां कम सरिया डाली जा रही थी और क्वालिटी भी खराब थी। बताया जाता है कि 6 से 8 फिट चौड़ी इस सड़क में नाली निर्माण के दौरान 6-6 इंच में सरिया डाली जानी थी लेकिन ठेकेदार द्वारा 24-24 इंच में सरिया डाली जा रही थी। लेवल भी सही तरीके से नहीं मिलाया जा रहा था। इस निर्माण कार्य को दोबारा करने के निर्देश दिए गए।
वार्ड क्र. पांच में दो स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। दोनों स्थानों पर तय मापदंडों के विपरीत गुणवत्ताविहीन कार्य पाया गया। गुणवत्ताविहीन कार्य को तोड़कर नए सिरे से निर्माण कार्य करने के निर्देश संविदाकार को दिए गए हैं। यदि ऐसा नही किया जाता है तो संविदाकार को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई की जाएगी। वार्ड में एक स्थान पर नाली में सरिया डाली जानी है तो दूसरे स्थान पर नाली निर्माण में गड़बड़ी है।
योगेश ताम्रकार, महापौर