मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश जल संरक्षण में देश का अग्रणी राज्य बना है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ₹10,644 करोड़ की लागत से 2 लाख से अधिक जल संरचनाओं का कार्य पूर्ण हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार भोजशाला में 'सरस्वती लोक' और 'राजा भोज शोध संस्थान' बनाने की घोषणा की है। साथ ही आंदोलन के 3 शहीदों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये देने का एलान किया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत गंगा दशहरा पर व्यापक श्रमदान होगा। उज्जैन में सीएम डॉ. मोहन यादव 300 फीट की चुनरी चढ़ाएंगे। जानिए अभियान की ऐतिहासिक उपलब्धियां।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय नववर्ष (विक्रम संवत 2083) और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर इंदौर के इस्कॉन मंदिर से 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तीसरे चरण का भव्य शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) पर मध्य प्रदेश के विकास का विजन साझा किया। जानें कृषक कल्याण वर्ष, जल गंगा संवर्धन अभियान और विक्रमोत्सव 2026 के बारे में
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 मार्च 2026 को उज्जैन से 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तीसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। जानें 100 दिवसीय इस अभियान के लक्ष्य, जनभागीदारी और पिछले चरणों की उपलब्धियां।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायतों को सामाजिक-आर्थिक उन्नयन का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल संरक्षण, गौशाला प्रबंधन और स्व-सहायता समूहों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जानें बैठक की पूरी जानकारी और मुख्य घोषणाएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर जानें क्यों मध्यप्रदेश है देश का 'टाइगर स्टेट'। 2022 की गणना में 785 बाघों के साथ टॉप पर, कान्हा टाइगर रिजर्व को मिला सर्वश्रेष्ठ आवास का दर्जा। जल गंगा संवर्धन और नवाचारों से मिली सफलता।
'जल गंगा संवर्धन अभियान' के समापन समारोह में विधायक उमाकांत शर्मा ग्राम सेमलखेड़ी, तहसील सिरोंज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। शर्मा ने भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, माताओं-बहनों, नागरिकों और युवाओं के साथ खंडवा से सीधा प्रसारित हो रहे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संबोधन को सुना, जिसने सभी को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।
मध्य प्रदेश में 30 जून को जल गंगा संवर्धन अभियान का तिमाही 'अनुष्ठान' पूरा हो जाएगा। जिला स्तर पर ए रैंकिंग में पहला नाम खंडवा का है। बी में उज्जैन और सी में नरसिंहपुर की मौजूदगी है। विंध्य की बात करें तो कोई भी जिला 'ए' रैंकिंग में नहीं आया है। 'बी' रैंकिंग में पांच और 'सी' में दो जिले हैं।






















