सीधी जिले में मघा नक्षत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से शहरी और ग्रामीण इलाकों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई मोहल्लों में पानी भर गया, दुकानों और घरों में लीकेज से लोग परेशान हैं, वहीं फुटपाथ दुकानदार रोज़ी-रोटी के संकट से जूझ रहे हैं। हालांकि बारिश ने किसानों के चेहरों पर धान की फसल की उम्मीद से रौनक लौटा दी है।
सीधी जिले में बाणसागर डैम के तीन गेट खोलने से सोन नदी का जलस्तर बढ़ा। सिहावल, चौपाल कोठार सहित कई तटीय गांवों में बाढ़ जैसे हालात। प्रशासन ने जारी किया अलर्ट, SDRF की टीम तैनात।
सिंगरौली जिले में शुक्रवार को हुई 12 घंटे की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। माड़ा क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हो गए, मकान गिरे, सड़कें और पुल जलभराव से बंद हो गए। प्रशासन रेस्क्यू और राहत कार्य में जुटा हुआ है।
चित्रकूट में मूसलाधार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर है। रामघाट, भरतघाट और जानकीकुंड जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर नाव चलानी पड़ी और कई इलाकों में बिजली और यातायात बाधित हो गया है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
चित्रकूट में लगातार बारिश से मंदाकिनी नदी उफान पर है, जिससे रामघाट और भरतघाट जैसे प्रमुख स्थल डूब गए हैं। छतरपुर में बाढ़ में फंसे परिवार को 10 घंटे बाद रेस्क्यू किया गया। दतिया में तालाब में डूबने से तीन बच्चियों की मौत हुई। मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से हालात गंभीर हैं।

















