सतना जिले में सीएम हेल्पलाइन के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उचेहरा वनपरिक्षेत्र के गोबरांव गांव से अवैध पेड़ कटाई की शिकायत को गंभीर मानकर वन विभाग ने जांच दल भेजा, लेकिन मौके पर पहुंचने पर शिकायत का मकसद ही बदल गया।
भोपाल के अयोध्या बायपास को 10 लेन बनाने के लिए काटे जा रहे 7871 पेड़ों पर NGT ने 8 जनवरी तक रोक लगा दी है। जानें NHAI का 81 हजार पौधे लगाने का प्लान और विरोध प्रदर्शन के कारण।
गुजरात के अमरेली जिले में बुधवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां बगसारा में हादसा और डेरी पिपारिया गांवों के बीच तेज रफ्तार से चल रही कार सड़क से उतरकर पेड़ से टकराकर पलट गई। इस हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के पापेड़ गांव में मस्जिद निर्माण की खुदाई में भगवान राम की खंडित मूर्तियां मिलने से तनाव। हिंदू संगठनों ने मंदिर बनाने की मांग की। प्रशासन ने निर्माण कार्य रोककर मूर्तियां पुलिस अभिरक्षा में रखीं, पुरातत्व विभाग करेगा जांच।
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले की खरगापुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक चंदा गौर के बेटे अभियंत गौर उर्फ टीटू के छतरपुर स्थित घर पर नौकरानी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घर के पीछे बगीचे में एक पेड़ से युवती का शव लटका मिला।
बाराबंकी जिला मुख्यालय से नौ किलोमीटर दूर हैदरगढ़ मार्ग पर रोडवेज की अनुबंधित बस पर गूलर का पेड़ गिर गया। पेड़ बस के अगले हिस्से पर गिरा। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। घायलों को जिला अस्पताल और सीएचसी सतरिख में भर्ती कराया गया है।
सतना जिले में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बिना एनओसी के विद्युत विभाग द्वारा पोल गाड़े जा रहे हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सौ से ज्यादा पेड़ों की कटाई से क्षेत्र में नाराजगी है। पत्राचार तक सीमित पीडब्ल्यूडी की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।
मध्यप्रदेश के वन विभाग ने 2025 में 96 लाख पौधों की मांग की, जिसमें से 87 लाख पौधे नर्सरियों से उठा लिए गए। लेकिन सवाल यह है कि ये पौधे लगे कहां? जंगल पहले जैसे क्यों नहीं दिख रहे? क्या कागजों पर ही हरियाली लहराई जा रही है?
रीवा से गुजरने वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण में करीब 8 हजार पुराने पेड़ काटे गए। एजेंसियों ने 10 गुना पौधे लगाने का दावा किया लेकिन मौके पर पौधे नदारद हैं। आरटीआई से फर्जीवाड़ा उजागर हुआ और पीएम-सीएम से शिकायत की गई है।
मध्य प्रदेश में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश में अब प्री-पेड मीटर के जरिए बिजली की सुविधा मिलेगी। अगस्त 2025 से राज्य में प्रीपेड बिजली व्यवस्था की शुरुआत होने जा रही है। पहले चरण में यह व्यवस्था केवल सरकारी कार्यालयों में लागू होगी, जिसमें सभी विभागों को दो महीने का अग्रिम बिल जमा करना अनिवार्य होगा।






















