सतना जिले में सीएम हेल्पलाइन के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उचेहरा वनपरिक्षेत्र के गोबरांव गांव से अवैध पेड़ कटाई की शिकायत को गंभीर मानकर वन विभाग ने जांच दल भेजा, लेकिन मौके पर पहुंचने पर शिकायत का मकसद ही बदल गया।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सीएम हेल्पलाइन भले ही समाधान का सेतू हो लेकिन यह मन की मुरादों के लिए भी उपयोग होने लगा है। मसला वन विभाग से जुड़ा हुआ है। इस विभाग में एक शिकायत हुई जिसमें कटाई का जिक्र था लेकिन जब जांच की गई थी तो शिकायत नौकरी के लिए की गई थी।
उचेहरा वनपरिक्षेत्र के एक गांव के नागरिक ने सीएम हेल्पलाइन में अवैध रुप से जंगल काटे जाने की शिकायत कर दी। इसे डेंजर मान कर डीएफओ ने जांच टीम भेज दी। जानकारी के मुताबिक गोबरांव गांव के निवासी द्वारा सीएम हेल्पलाइन में पेड़ काटे जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत डीएफओ स्तर तक पहुंचने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को वन विभाग का एक दल जांच के लिए मौके पर पहुंचा। विभाग को आशंका थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से वृक्षों की कटाई की जा रही है, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो मामला बिल्कुल ही अलग दिशा में मुड़ गया। शिकायतकर्ता का नाम विभाग ने नहीं बताया लेकिन पटेल समाज का होने का जिक्र किया।
शर्त पर कटवाई शिकायत
वन दल के मौके पर पहुंचते ही शिकायतकर्ता श्री पटेल पेड़ कटाई से जुड़ी किसी भी ठोस जानकारी देने के बजाय विभागीय अमले के सामने चौकीदार पद पर नौकरी की मांग रख दी। शिकायतकर्ता का कहना था कि वह लंबे समय से रोजगार की तलाश में है और वन विभाग में काम करने का इच्छुक है। अचानक सामने आई इस मांग से वन दल के सदस्य भी कुछ देर के लिए असहज हो गए। वन विभाग के दल ने शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य जनसमस्याओं का समाधान है, न कि रोजगार के लिए आवेदन का माध्यम। विभागीय अमले ने उसे वन विभाग की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी तथा समझाया कि चौकीदार या अन्य पदों पर भर्ती नियमानुसार और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होती है। इस शिकायत कर्ता तक दल को तीन किलोमीटर पैदल तक चलना पड़ा। खबर यह भी है कि पहले भी वनविभाग में चौकीदारी का काम काज देख चुका है।
संसाधनों की बरबादी
जांच के दौरान मौके पर पेड़ कटाई से संबंधित कोई प्रमाण नहीं पाए गए। इसके बाद वन दल ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की शिकायतें न केवल विभागीय समय और संसाधनों की बरबादी करती हैं, बल्कि वास्तविक और गंभीर मामलों की जांच में भी बाधा बनती हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सीएम हेल्पलाइन का उपयोग केवल वास्तविक समस्याओं के लिए करें। साथ ही रोजगार से संबंधित इच्छुक व्यक्ति निर्धारित भर्ती प्रक्रिया और आधिकारिक माध्यमों से ही आवेदन करें, ताकि शिकायत प्रणाली की गरिमा बनी रहे।
हां, ऐसी शिकायत मिली थी। जांच के लिए दल भेजा था। उनकी रिपोर्ट अभी नहीं आई। कल ही बता पाउंगा।
मयंक चांदीवाल, डीएफओ, सतना वनमंडल


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भोपाल के मिसरोद इलाके में आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान अभद्र व्यवहार करने वाले TI रतन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। 'जय जोहार' नारे को लेकर हुए विवाद और सरकार व विपक्ष की प्रतिक्रिया की पूरी विस्तृत जानकारी पढ़ें।
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन कर दिया है। रिटायर्ड आईएएस मलय श्रीवास्तव को अध्यक्ष बनाया गया है। जानिए आयोग के कार्य
सूचना का अधिकार कानून लागू होने के 21 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन देश में पारदर्शिता और न्याय की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पारदर्शिता पर काम करने वाले संगठन सतर्क नागरिक संगठन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून 2026 तक देश के 28 सूचना आयोगों में 3,85,000 से अधिक अपीलें और शिकायतें लंबित हैं।
मध्य प्रदेश के देवास और इंदौर जिलों में लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस प्रशिक्षण केंद्र इंदौर (पीटीसी) में पदस्थ हेड कांस्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के 15 ठिकानों पर बुधवार सुबह एक साथ दबिश दी गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने देर रात प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस सूची में 11 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं, जिनमें से 6 जिलों में नए कलेक्टरों की पदस्थापना की गई है। इसके साथ ही कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई और अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
भाजपा महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर जेएनयू सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आधुनिक होटल सुविधा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 के उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए इंदौर में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण के मामले पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल से चर्चा की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।
ग्वालियर में 5500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एशिया के सबसे बड़े टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का 29 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह भूमिपूजन करेंगे। जानिए इस मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी और रोजगार के अवसरों के बारे में।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता आशा के आठ महीने के शावक की मौत हो गई है। वन विभाग पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।