सीएम डॉ. मोहन यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा की। उन्होंने लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई और कामकाजी महिलाओं के लिए PPP मोड पर हॉस्टल बनाने के निर्देश दिए। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
सिंगरौली के चितरंगी आंगनबाड़ी विभाग में नोटिस के बहाने कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों से अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। शिकायतों के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई।
रीवा संभाग में आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीयन लक्ष्य का सिर्फ 58% पूरा हुआ। 2 लाख से अधिक बच्चे अब भी केंद्रों से दूर हैं, अभिभावकों की उदासीनता और जागरूकता की कमी बड़ी वजह बनी।
मध्यप्रदेश सरकार ने 20 अप्रैल अक्षय तृतीया पर होने वाले बाल विवाहों को रोकने के लिए कलेक्टरों को उड़न दस्ते और कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए हैं। जानें हेल्पलाइन नंबर्स और पूरी कार्ययोजना।
Description भोपाल में मंत्रालय कर्मचारी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ₹20 लाख ठगने का सनसनीखेज मामला। आरोपी विजय शंकर मिश्रा ने चुनाव आयोग और महिला बाल विकास विभाग के फर्जी जॉइनिंग लेटर दिए। भोपाल क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
सतना जिले में कुपोषण का संकट फिर उजागर हुआ है। नागौद क्षेत्र के पनास आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य जांच के दौरान 7 बच्चे अति गंभीर कुपोषित पाए गए। चार माह पहले मझगवां क्षेत्र में मासूम रजा हुसैन की मौत के बाद भी जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर स्वास्थ्य अमले तक की लापरवाही जारी है। आंकड़े बताते हैं कि सतना के 125 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में कुपोषण का स्तर सरकारी मानकों से कई गुना अधिक है। योजनाओं और बजट के बावजूद नतीजे नहीं दिख रहे, जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन हैं।
मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास आयुक्त सूफिया फारूकी वली ने कहा कि वल्नरेबिलिटी मैपिंग बच्चों के सामने आने वाले खतरों और चुनौतियों का व्यवस्थित आकलन है, जो बाल संरक्षण योजनाओं को मजबूत बनाता है। विभागीय समन्वय को सुनिश्चित करता है।
रीवा जिले में 22 जुलाई से दस्तक अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें 2.88 लाख बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की टीमें घर-घर जाकर बीमार बच्चों की पहचान कर दवाएं और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती भी कराएंगी।
सतना जिले के 13 किसानों से 21 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। महिला बाल विकास की कर्मचारियों और किराना दुकानदार की मिलीभगत से हुआ अनाज घोटाला।
सिंगरौली जिले के शहरी और ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्रों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। कार्यकर्ताओं पर सुपरवाइजर के कमीशन दबाव, बंदरबांट और योजनाओं के कागजी संचालन से नौनिहालों और महिलाओं तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुँच पा रहा।






















