स्टार्टअप्स के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार ने 'फंड ऑफ फंड्स 2.0' के तहत 10,000 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। जानें किन स्टार्टअप्स को मिलेगा फायदा।
उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए देश के सभी स्कूलों को छात्राओं के लिए मुफ्त सैनेटरी पैड और अलग वॉशरूम अनिवार्य कर दिया है। मेन्स्ट्रुयल हाइजीन पॉलिसी लागू करने के निर्देश।
मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है? जानें इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व, वैज्ञानिक आधार और भारत के विभिन्न राज्यों में इसे मनाने के अनूठे तरीके।
रीवा और मऊगंज जिले के 75 हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता इस वर्ष समाप्त हो रही है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 15 दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू करने की तिथि तय की है, और यदि निर्धारित समयसीमा में नवीनीकरण पूरा नहीं किया गया तो इन स्कूलों पर ताला लग सकता है।
यूजीसी की अक्टूबर 2025 अपडेटेड सूची के अनुसार देश में फर्जी विश्वविद्यालयों का खुलासा हुआ है। यदि आप छात्र हैं, तो दाखिला लेने से पहले फर्जी संस्थानों के राज्यवार नाम और उनसे बचने के लिए आवश्यक जानकारी यहाँ देखें।
चित्रकूट में रामगिरि शिवानी शक्तिपीठ, जिसे फूलमती माता मंदिर भी कहा जाता है, का अद्भुत रहस्य है कि यहां बनाई गई छत हर बार ढह जाती है। देवी भागवत पुराण के अनुसार यह सीता शक्तिपीठ है, जहां मां सती का स्तन गिरा था। मां की प्रतिमा मात्र पाँच फूल जितनी हल्की है और माना जाता है कि वे नेत्र रोग दूर करती हैं।
भारत चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के सत्यापन पर मचे घमासान के बीच बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। इससे नाम के लिए चल रहे राजनीतिक दलों में हड़कंप मच गया है। आयोग की इस कार्रवाई से मध्यप्रदेश के भी दो दर्जन राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त हो गई है।
जिला पंचायत में हुई शिक्षा समिति की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह जाट और सदस्यों विनय मेहर व विक्रम भालेश्वर ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की खामियों और अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एन.के. अहिरवार सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे, जिन्हें जनप्रतिनिधियों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।
रीवा और मऊगंज जिले के पाँच निजी स्कूलों की मान्यता इस शैक्षणिक सत्र में समाप्त कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार इन स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षक थे और न ही नियमों के अनुरूप 30 हजार की एफडी जमा की गई थी। कलेक्टर के पास अपील का मौका देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते अब इन स्कूलों के छात्र अन्य संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर हैं।
मध्यप्रदेश में दो साल पहले बनाए गए तीन नए जिलों को चुनाव आयोग ने मान्यता दे दी है। अब इन जिलों के कलेक्टर अपने जिला क्षेत्र में आने वाली विधानसभा सीटों के लिए अपीलीय अधिकारी के रूप में काम कर सकेंगे।






















