सतना के सुरांगी गांव में कुपोषण से मासूम की मौत के बाद जांच तेज हुई। हेल्थ जेडी ने पहुंचकर बयान दर्ज किए, लापरवाही उजागर हुई, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर कार्रवाई भी की गई।
मैहर के गिरगिटा गांव में खुली खदान में डूबने से 8 वर्षीय बच्चे की मौत हुई। आक्रोशित परिजनों ने फैक्ट्री गेट पर धरना दिया, मुआवजे के बाद मामला शांत हुआ।
सतना के मझगवां में मासूम की मौत पर स्वास्थ्य विभाग में मतभेद, सीएमएचओ ने दूध फंसने को कारण बताया, जबकि डीआईओ ने कुपोषण जिम्मेदार ठहराया, जांच में लापरवाही और सरकारी योजनाओं की कमी उजागर हुई।
सतना के मझगवां में मासूम की मौत ने कुपोषण की भयावह स्थिति उजागर कर दी है। प्रशासन और विभागीय दावों के बीच सच्चाई की जांच जारी है, जबकि क्षेत्र में हजारों बच्चे कुपोषण से जूझ रहे हैं।
बिरसिंहपुर पीएचसी में कथित लापरवाही के चलते तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई, परिजनों ने एम्बुलेंस में देरी का आरोप लगाया जबकि प्रशासन ने अलग दावा किया, घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
भोपाल के पीएनबी कॉलोनी (ईदगाह हिल्स) में एक मासूम बच्ची खेलते-खेलते पानी की बाल्टी में गिर गई। मां की 10 मिनट की अनदेखी जानलेवा साबित हुई।
रीवा के समान थाना क्षेत्र में स्कूल जा रहे चौथी कक्षा के छात्र को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में मौके पर ही मासूम की मौत हो गई, चालक फरार है।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में 4 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों की प्रारंभिक चुप्पी और बाद में एसडीओपी द्वारा पुष्टि ने कानून-व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मध्यप्रदेश में मासूमों का काल बना कफ सिरप के केस में एक के बाद एक नए-नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अभी तक की जांच में ऊपर से लेकर नीचे तक मिलीभगत नजर आ रही है। जिसमें कुछ नाम उजागर हो चुके हैं। कुछ नामों में अभी भी पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सीरप के सेवन से बच्चों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सीरप के सेवन से हुई बच्चों की मौत के मद्देनजर दवा सुरक्षातंत्र की जांच की मांग वाली एक पीआईएल पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत हो गया।






















