विंध्य के छह जिलों में पीडीएस व्यवस्था सुस्त, 17 दिनों में केवल 24-32% राशन वितरण। गोदाम से आपूर्ति के बावजूद हितग्राही वंचित, व्यवस्थागत खामियों और लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।
विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में राशन कार्ड ई-केवाईसी अभियान अभी अधूरा है। 56 लाख से अधिक सदस्यों में करीब 3.17 लाख का सत्यापन बाकी है। प्रशासन के दावों के बावजूद कई जिलों में प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।
मार्च 2026 के राशन वितरण से पहले विंध्य के छह जिलों में गेहूं-चावल का उठाव बेहद धीमा है। डिस्पैच और दुकानों तक वास्तविक पहुंच के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं।
सतना और मैहर जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली चरमराई। सरकारी रिपोर्ट में 823 में से 623 राशन दुकानों के बंद होने से हजारों जरूरतमंद परिवार संकट में।
रीवा संभाग के छह जिलों में सरकारी योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया बेहद धीमी है। 1 लाख 16 हजार से अधिक पात्र लोगों में से केवल 3,652 की ही ई-केवाईसी पूरी हो पाई है। यह स्थिति भविष्य में योजना लाभ रुकने और नाम कटने का खतरा बढ़ा रही है, जिस पर प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी है।
सतना के वार्ड क्रमांक 8 सिद्धार्थ नगर स्थित सरकारी उचित मूल्य की दुकान में खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी सामने आई। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनसे तीन माह के राशन पर अंगूठा लगवाया गया लेकिन दिया मात्र दो माह का। हंगामे के बाद एसडीएम और खाद्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और दुकान सील कर पंचनामा तैयार किया। विस्तृत जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
मध्यप्रदेश सरकार सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। अब चावल की जगह गेहूं की मात्रा बढ़ाई जाएगी। राज्य के खाद्य मंत्री ने केंद्र सरकार से सहयोग मांगा है।
पन्ना जिले के गौरिहार क्षेत्र की ग्राम पंचायत निधौली में 25 से अधिक राशन कार्ड धारकों के नाम सचिव की आईडी से ऑनलाइन हटाए गए। सेल्समैन और ऑनलाइन संचालक पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश, जांच दल गठित।




















