रीवा में बढ़ते वायु प्रदूषण और विकास कार्यों के कारण सांस के मरीज तेजी से बढ़े। 13 महीनों में 1689 मरीज 108 एम्बुलेंस से ऑक्सीजन सहारे अस्पताल पहुंचे, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर सामने आया।
रीवा के संजय गांधी और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में नवंबर-दिसंबर के दौरान दिल के मरीजों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के बीच पोस्टमार्टम के आंकड़े डराने लगे हैं। साल खत्म होने से पहले ही 1063 पीएम हो चुके हैं। डॉक्टरों की कमी, प्राइवेट प्रैक्टिस, नाइट राउंड का अभाव और लगातार रेफरल ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है।
रीवा के 150 करोड़ के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक्स-रे विभाग की दीवार और पिलर में दरार आ गई है। पहले से ही सीवेज, सीपेज और फॉल सीलिंग गिरने जैसी खामियों से घिरे इस अस्पताल की गुणवत्ता पर फिर सवाल उठे हैं। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से मरीजों की जान पर संकट।
रीवा स्वास्थ्य विभाग में एचबीएनसी मद में लाखों का घोटाला उजागर हुआ है। संविदा डीसीएम राघवेन्द्र मिश्रा पर आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं से वसूली और बजट हेरफेर का आरोप है। शिकायत के बाद भोपाल से जांच आदेश आए, लेकिन जेडी हेल्थ ऑफिस ने फाइल दबा दी। सीएमएचओ ने भी मिशन संचालक को पत्र लिखकर डीसीएम को हटाने की सिफारिश की थी।
रीवा जिले के मऊगंज में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली सामने आई, जब एम्बुलेंस न मिलने पर परिजनों ने 75 वर्षीय मरीज को ठेले में लादकर अस्पताल पहुंचाया। घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है।
रीवा जिले में 22 जुलाई से दस्तक अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें 2.88 लाख बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की टीमें घर-घर जाकर बीमार बच्चों की पहचान कर दवाएं और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती भी कराएंगी।



















