मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल के गंधिया में माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया। ब्यौहारी में 30 बिस्तरीय अस्पताल, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 1450 किमी लंबे राम वन गमन पथ की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल में 2300 करोड़ के सिंचाई कॉम्प्लेक्स, जैतपुर को नगर पंचायत बनाने और मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि सहित कई विकास कार्यों की घोषणा की।
शहडोल शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में सीवरेज निर्माण एजेंसी की लापरवाही से सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। अधूरे कार्य और निर्माण रोकने की मनमानी से आम जनता और व्यापारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से मैदानी राज्यों में गलन बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर की सोनमर्ग टनल के पास तेज बर्फबारी शुरू हो गई है। हिमाचल में के लाहौल स्पीति में मंगलवार शाम से ही बर्फबारी शुरू है। यहां तापमान -10 डिग्री तक जाने की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बेटे ने मां की हत्या कर दी और 72 घंटे तक उसी कमरे में शव के साथ रहा। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने दरवाजा खुलवाया, आरोपी पुत्र हिरासत में।
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की जनपद पंचायत सोहागपुर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत पोंगरि में लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव मंगलेश्वर मिश्रा को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सोमवार रात एक मामूली विवाद ने साम्प्रदायिक रंग ले लिया। जुगवारी और केलमनीया गांवों के बीच हिंसक झड़प में 10 से अधिक लोग घायल। एसपी और कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा।
शहडोल जिले के सोहागपुर तहसील अंतर्गत आकाशवाणी के पास कृषि भूमि पर हो रही अवैध प्लाटिंग को लेकर स्थानीय लोग नाराज हैं। समाजसेवी दीपक चौधरी ने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर शीघ्र कार्यवाही की मांग की है। कलेक्टर ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं।
शहडोल जिले की ग्राम पंचायत रामपुर में बूंदी और समोसे पर करीब 70,000 रुपये के बिल ने सरकारी धन के दुरुपयोग पर सवाल खड़े किए। जानें इस घोटाले की पूरी कहानी और इससे जुड़े पुराने मामले।
इस साल इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश की दौड़ में शहडोल का यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और रीवा का जीईसी सबसे आगे रहे। दोनों कॉलेजों की सीटें शत-प्रतिशत भरीं, जबकि भोपाल, इंदौर और जबलपुर के नामी संस्थानों को सीटें भरने में मशक्कत करनी पड़ी। कम्प्यूटर साइंस छात्रों की पहली पसंद बनी, फिर सिविल की सीटें भरीं। रीवा और शहडोल में हुई इस सफलता ने मप्र के शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान बनाई।






















