सतना के नागौद ब्लॉक में मीजल्स से दो वर्षीय बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। जांच में संक्रमण बड़ी बहन से फैलने की पुष्टि हुई। गांवों में सर्वे और अतिरिक्त टीकाकरण अभियान शुरू किया गया।
रीवा स्वास्थ्य विभाग में लोकल पर्चेज के नाम पर लाखों की दवा खरीदी और भुगतान को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। शिकायत कलेक्टर और कमिश्नर तक पहुंचने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई और जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
सतना जिला अस्पताल में तीन वर्षों से सर्विसिंग नहीं होने पर दोनों पीएसए ऑक्सीजन प्लांट बंद कर दिए गए। फिलहाल एलएमओ प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई जारी है, लेकिन तकनीकी खराबी की स्थिति में मरीजों पर संकट गहरा सकता है।
मध्यप्रदेश में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को इलाज, जांच, भर्ती और आईसीयू सहित सभी सेवाओं की रेट लिस्ट सार्वजनिक करना अनिवार्य किया गया। नियम उल्लंघन पर कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की चेतावनी दी गई।
मैहर सिविल अस्पताल में घायल महिला को रीवा रेफर करने के बावजूद चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। एक वाहन में डीजल खत्म था तो दूसरे में ऑक्सीजन नहीं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था और 108 सेवा की लापरवाही उजागर हुई।
सतना जिला अस्पताल में थैलीसीमिया बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले की जांच तेज हो गई है। प्रशासन ने 196 संदिग्ध डोनरों की सूची तैयार कर दोबारा एचआईवी जांच शुरू कराई, जबकि कई डोनरों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
देर रात तक जागना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। जानें कैसे यह आदत मोटापे, हृदय रोग, मानसिक तनाव और कमजोर इम्यूनिटी का कारण बनती है। स्वस्थ जीवनशैली के लिए आज ही अपनी आदत बदलें।
सतना जिले में मातृ मृत्यु के मामले बढ़कर 37 पहुंचे, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को दर्शाते हैं। एनीमिया, हाई बीपी और समय पर इलाज न मिलने से अधिकतर मौतें हुईं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी।
रीवा में कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच डॉक्टरों की भारी कमी, केवल एक विशेषज्ञ पर इलाज निर्भर, 31 करोड़ की मशीनें आने के बावजूद सुविधाएं अधूरी, मरीजों को बाहर इलाज के लिए भटकना पड़ रहा
सतना में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में कमी पर राज्य स्तर की फटकार, आशा संवाद कार्यक्रम में भागीदारी कम, नवजात देखभाल कौशल कमजोर, रिफ्रेशर प्रशिक्षण के निर्देश, ड्रेस कोड पालन न होने पर भी नाराजगी






















