झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन 18वें दिन उग्र रूप ले चुका है। सोमवार को प्रस्तावित विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की देखने को मिली।
विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद दतिया भाजपा संगठन में सर्जरी की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद अब नए जिलाध्यक्ष की कमान किसे सौंपी जाए, इसे लेकर भोपाल से लेकर दिल्ली तक मंथन जारी है। इस रेस में आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक व प्रदेश प्रवक्ता घनश्याम पिरोनिया के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद मध्य प्रदेश भाजपा ने त्वरित और सख्त एक्शन लिया है। उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद प्रदेश नेतृत्व ने दतिया जिला भाजपा संगठन की पूरी कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। एक तरफ जहां इस जीत से कांग्रेस का खेमा उत्साह से फूला नहीं समा रहा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के भीतर भोपाल से लेकर दिल्ली तक खलबली मच गई है। चुनाव नतीजों के बाद नेताओं की बयानबाजी ने अंतरकलह के संकेत दे दिए हैं।
मध्य प्रदेश- बिहार और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को हुए उपचुनावों की मतगणना जारी है। मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मंजलपुर में भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। हालांकि दतिया में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 8253 मत मिले।
दतिया विधानसभा उपचुनाव का रण अब अपने अंतिम और सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। 30 जुलाई को ईवीएम में बंद हुए राजनीतिक दिग्गजों के भाग्य का फैसला मतगणना के साथ सामने आ जाएगा। उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी और कांग्रेस ने घनश्यास सिंह पर दांव लगाया है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को तय समय पर धुआंधार चुनाव प्रचार का शोर थम गया। अब पूरा चुनावी मुकाबला साइलेंट मोड में आ चुका है, जहां दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों- भाजपा-कांग्रेस का पूरा ध्यान घर-घर व्यक्तिगत संपर्क, जातीय समीकरण साधने और बूथ मैनेजमेंट पर केंद्रित हो गया है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र भारी हंगामे और राजनीतिक खींचतान के बीच निर्धारित समय से दो दिन पहले यानी महज तीन दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। पूरे सत्र के दौरान बेरोजगारी, शिक्षा, वित्तीय प्रबंधन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल पारित हो गया है। जानिए विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, उत्तराधिकार और बच्चों के अधिकारों से जुड़े सभी नए प्रावधानों की पूरी जानकारी






















