सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह यह पक्का करे कि जहां भी सड़क हो, वहां पैदल चलने वालों के लिए ठीक से तय, अतिक्रमण-मुक्त जगह हो। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि पैदल चलने वालों को भरोसा होना चाहिए कि यह जगह उनके लिए है और वे चलती गाड़ियों के किसी भी खतरे के बिना आजादी से चल सकते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात भले ही मानकों के अनुरूप दिखाई दे रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। मध्य प्रदेश समेत देशभर में शिक्षकों की भारी कमी और उनके असमान वितरण के कारण स्कूली शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने सीबीएसई के तहत 9वीं क्लास में तीसरी भाषा शुरू करने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स पर बेवजह का दबाव पड़ता है।
देश के स्कूलों में सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) को लेकर सालों से चली आ रही झिझक अब जल्द ही खत्म होने वाली है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी है कि देशभर के स्कूलों में सेक्स एजुकेशन को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी कर ली गई है।
नीट-यूजी पेपर केस की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी सोमवार को सख्त टिप्पणी करते हुए दो टूक शब्दों में कहा- यह दुख की बात है कि परीक्षा के पेपर लीक के पिछले मामलों से कोई सबक नहीं सीखा गया है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अंडर-18 राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के तहत भारतीय और आस्ट्रेलियाई जूनियर टीमों के बीच रोमांचक अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेली जा रही है। यह आयोजन आगामी अंडर-18 एशिया कप की तैयारियों के लिए राजधानी में एक्शन का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
कश्मीर घाटी में आज रिक्टर पैमाने पर 5.3 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के बदाखशान प्रांत में था। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को सुबह रिक्टर पैमाने पर 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के बदाखशान प्रांत में था।
मध्यप्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। राज्य में पहली बार आंगनवाड़ी केंद्रों में शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे 5 से 6 आयु वर्ष के बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान कर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर अग्रसर किया जाएगा।
देशभर में प्रतिदिन लाखों की संख्या में सड़क हादसे होते हैं। जहां हादसे के शिकार लोगों की जिंदगियां तक तबाह हो जाती हैं। लेकिन अनदेखी और उदासीनता का आलम यह है कि करोड़ों वाहन ऐसे दौड़ रहे हैं जिनके पास जरूरी बीमा तक नहीं है। यह हम नहीं, बल्कि केंद्र सरकार ने खुद सदन में स्वीकार किया है।
मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अफसरो ने वर्ष 2025 की अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा केंद्र सरकार को सौंप दिया है। हर साल की तरह इस बार भी अधिकारियों ने एक जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार अपनी संपत्तियों की जानकारी दी है। इसमें कृषि भूमि, आवासीय फ्लैट, भूखंड और व्यावसायिक संपत्तियों का विवरण शामिल है।






















