ईरान की IRGC ने अमेरिकी जासूसी ड्रोन MQ-1 को मार गिराने का दावा किया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि डील न होने पर सैन्य विकल्प खुला है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच नए युद्ध की आशंका गहरा गई है। तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना मुख्य हथियार बनाते हुए सेना और IRGC को हाई अलर्ट पर रखा है।
युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आर्थिक (ईंधन संकट), सामरिक (अमेरिकी इनाम) और राजनयिक (सऊदी-ईरान तल्खी) परिणाम वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं।
अमेरिका ने ईरान की IRGC के वित्तीय नेटवर्क और अवैध तेल कारोबार को निशाना बनाते हुए 1.5 करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की है। जानें ट्रंप प्रशासन की नई 'आर्थिक प्रहार' नीति के बारे में।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बरकरार। ईरान की 'खुले रास्ते' की घोषणा के बाद भी भारतीय और ग्रीक टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। जानें क्यों IRGC की अनुमति बनी गले की हड्डी
फाइनेंशियल टाइम्स की एक खोजी रिपोर्ट ने दावा किया है कि ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए चीनी सैटेलाइट 'TEE-01B' का उपयोग किया है। इस रिपोर्ट ने वैश्विक भू-राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
ईरान की IRGC ने अमेरिका के F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। जानें क्या है इस वायरल खबर की सच्चाई और अमेरिकी सेंट्रल कमांड का इस पर क्या जवाब है।
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि ईरानी सेना किसी भी हमले का करारा जवाब देगी। जानें होर्मुज स्ट्रेट और अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का क्या है नया रुख।
इजरायली मीडिया का दावा: अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरानी नौसेना प्रमुख अलीरेजा तंगसीरी मारे गए। जानें बंदर अब्बास हमले और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर इसके प्रभाव की पूरी जानकारी
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से 'सुरक्षित रास्ता' देने के बदले मोटी रकम वसूलना शुरू किया है। वहीं, IRGC ने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है।




















