मध्य प्रदेश के 70 हजार शिक्षकों के लिए बड़ी राहत! जबलपुर हाईकोर्ट ने पहली नियुक्ति से सेवा जोड़ने और 4 हफ्ते में आदेश पालन के दिए निर्देश। जानिए एरियर, वेतन वृद्धि और पूरी खबर।
मध्य प्रदेश में शिक्षक वर्ग 1, 2 और 3 के अभ्यर्थी पिछले 15 दिनों से नीलम पार्क, भोपाल में भूख हड़ताल कर रहे हैं। पद बढ़ाने और काउंसलिंग की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन में अब राजनीति तेज हो गई है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों से संवाद किया। इस बातचीत का पांच मिनट का एक वीडियो पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और नवाचार के लिए इस वर्ष मध्य प्रदेश के दो सरकारी शिक्षकों और छत्तीसगढ़ की एक शिक्षिका को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार हर साल शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को दिया जाता है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का कार्यक्रम जारी हो गया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की परीक्षा 12 अक्टूबर से शुरू होगी। आवेदन 21 अगस्त से 4 सितंबर तक होंगे। परीक्षा में 150 प्रश्न होंगे और गलत उत्तर पर अंक नहीं कटेंगे। शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी।
मध्यप्रदेश में अब सिर्फ नवाचार या शोध ही आदर्श शिक्षक की पहचान नहीं होंगे, बल्कि शिक्षकों को अपने मूल कर्तव्यों पर भी 100 फीसदी खरा साबित होना होगा। राज्य सरकार प्रदेश के ऐसे ही 110 शिक्षकों का चयन करने जा रही है, जिन्हें राज्य स्तर पर राज्यपाल द्वारा राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात भले ही मानकों के अनुरूप दिखाई दे रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। मध्य प्रदेश समेत देशभर में शिक्षकों की भारी कमी और उनके असमान वितरण के कारण स्कूली शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सालों से सेवाएं दे रहे 70 हजार शिक्षकों को राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। विभाग की योजना साल 2005 से 2009 के बीच भर्ती हुए शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट दिलाने की है।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) भर्ती 2024 के चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर DPI के बाहर प्रदर्शन किया। 4 साल से जारी भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद भी जॉइनिंग न मिलने से आक्रोशित हैं अभ्यर्थी।






















