सीएसआईआर यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने संयुक्त सीएसआईआर यूजीसी-एनईटी जून 2026 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।
NTA जल्द ही UGC NET June 2026 के 84 विषयों की फाइनल आंसर की और परिणाम जारी करेगा। साथ ही CSIR NET और ICAR परीक्षाओं के भी रिजल्ट इसी सप्ताह आएंगे। जानिए कैसे चेक करें स्कोरकार्ड।
जयपुर में तकनीकी खराबी के चलते NTA की आयुर्वेदिक पीजी परीक्षा रद्द कर दी गई है, जो अब 1 सितंबर को होगी। वहीं, UGC-NET की रद्द परीक्षाओं की नई तिथियां भी जारी कर दी गई हैं।
UGC इक्विटी विनियम 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और केंद्र सरकार के रुख की विस्तृत जानकारी। जानिए नियमों में जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा को लेकर क्यों हो रहा है विवाद।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं। 600 एक्सपर्ट्स को हटाने से लेकर चार-स्तरीय प्रश्न-पत्र जांच व्यवस्था और CISF सुरक्षा तक की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
देश में उच्च शिक्षा की साख को नुकसान पहुंचा रहे अवैध और फर्जी संस्थानों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शिकंजा कस दिया है। यूजीसी ने देश भर में ऐसे 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान की है, जिनका सबसे बड़ा जाल दिल्ली और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने यह जानकारी साझा की।
NTA ने UGC NET June 2026 के लिए करेक्शन विंडो ओपन कर दी है। उम्मीदवार 28 मई रात 11:50 बजे तक अपने फॉर्म में सुधार कर सकते हैं। जानिए स्टेप्स और एग्जाम पैटर्न की पूरी डिटेल।
देशभर में यूजीसी को लेकर मचे बवाल के बीच आरएसएस ने हिंदी एकता पर जोर दिया है। हालांकि अभी तक संघ की ओर से भी यूजीसी कानून को लेकर कोई बयान नहीं आया। यह भी सत्य है कि उक्त कानून से जो वर्ग प्रभावित हो रहा है, उसी वर्ग सबसे अधिक आरएसएस से जुड़ा है।
फर्जी विश्वविद्यालयों का नेटवर्क देश में बढ़ता ही जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूजीसी ने देश में फर्जी विश्वविद्यालयों के बढ़ते नेटवर्क पर चेतावनी जारी की है। पिछले दो वर्षों में देश में फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ गई है। यूजीसी के अनुसार पहले यह संख्या 20 थी, जो अब बढ़कर 32 हो गई है।
यूजीसी पर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ धाराओं को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। नए नियमों में सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए समान अवसर प्रकोष्ठ बनाना अनिवार्य कर दिया गया।





















