पांढुर्णा के तिगांव हाईवे पर बीती देर रात 12 बजे फोरलेन सड़क पार करते समय कार की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनकी तीन मासूम बेटियां घायल हो गईं। परिवार देवियों के दर्शन कर अपने गांव चाटवा लौट रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चों को इंटरनेट से दूर रखना बेतुका है। कोर्ट ने ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री (CSEAM) को रोकने के लिए केंद्र को नेशनल डेटाबेस बनाने और 2 घंटे में रिपोर्टिंग का निर्देश दिया।
मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंडला के टाटरी में निजी स्कूल के बच्चों के साथ सहज संवाद किया। प्रार्थना सभा में शामिल होकर बच्चों को मन लगाकर पढ़ने की प्रेरणा दी।
भारत विदेश मंत्रालय ने बच्चों के पासपोर्ट के नियमों में बदलाव किया है। अब 15 साल से कम उम्र के बच्चों का 36 पेज वाला सामान्य पासपोर्ट जारी होने की तारीख से अब 18 साल की उम्र या 5 साल तक वैध रहेगा। अगर बच्चा 5 साल पूरे होने से पहले 18 साल का हो जाता है, तो पासपोर्ट की वैधता उसी समय खत्म हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। जानिए इस खास मौके पर बच्चों के साथ पीएम मोदी की मस्ती, बातचीत के बारे में।
NFHS-6 के नए आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में बाल विवाह की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट। जानिए ग्रामीण-शहरी अंतर और आगर मालवा, हरदा, राजगढ़ जैसे जिलों के आंकड़े।
महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल में आज यानी सोमवार को तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में तड़के करीब 3:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई।
मध्यप्रदेश के धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम पीपलखेड़ा के पास आज सुबह 9 बजे बड़ा सड़क हादसा हो गया। ओवरटेक करने के दौरान एक निजी बस ने स्कूल बस को पीछे से टक्कर मार दी।
संयुक्त परिवार प्रणाली के लगातार खत्म होने और एकल परिवारों में बच्चों को समय देने के बजाय मोबाइल-गैजेट्स थमा देने पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि माता-पिता की जगह मोबाइल ले लेंगे, तो यह स्थिति समाज के लिए विनाशकारी साबित होगी और आने वाली पीढ़ी पारिवारिक रिश्तों व बंधनों से पूरी तरह अनजान हो जाएगी।
मध्यप्रदेश में आए दिन हो रहे हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। पुलिस-प्रशासन की टीम अब सड़क पर उतर चुकी है। इससे मनमानी पर उतारू बस संचालकों में हड़कंप मच गया है। राजधानी भोपाल में ही निजी स्कूलों की सैकड़ों ऐसी बस चल रही हैं, जिसमें सुरक्षा के मापदंडों की अनदेखी की जा रही है।






















