इंदौर में आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस में CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि न्याय का अनुभव कचहरी पहुँचने के साथ शुरू होता है।
देश की न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर वर्ष 2011 से अब तक 9,800 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद दशकों से अदालतों में धूल फांक रहे मुकदमों के निपटारे पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है।
मध्यप्रदेश सरकार ने जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी को REAT का चेयरमैन नियुक्त किया है। जानिए क्या है REAT की भूमिका और मध्यप्रदेश रियल एस्टेट में इसके महत्व की पूरी जानकारी।
सीजेआई ने कहा- भारत में अदालतों को आम लोगों के लिए आसान, पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। भारत में अब सुविधाएं डिजिटल हो चुकी हैं। जैसे कि मामलों की आनलाइन फाइलिंग और डिजिटल केस मैनेजमेंट।
देशभर की अदालतों में बढ़ते बोझ को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब पीड़ितों को कोर्ट-कचेहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके साथ ही उन्हें तारीख पर तारीख से भी छुटकारा मिलेगा। वहीं जमानत से जुड़े केसों में आदेश आदर्श रूप से अगले दिन जारी किया जाए और उसी दिन जेल प्रशासन तक पहुंचाया जाए।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत केस में अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। दरअसल, मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने अब इसकी सीबीआई जांच कराने की सिफारिश कर दी है। सरकार के इस फैसले के बाद अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी इस पूरे सुसाइड मिस्ट्री की गुत्थी सुलझाएगी।
मध्यप्रदेश में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पाक्सो) के केस के पीड़ित की आयु तय करने के लिए 10वीं कक्षा की मार्कशीट को ही अहम माना जाएगा। यह नहीं होने पर पहली कक्षा में प्रवेश के समय दर्ज आयु को आधार माना जाएगा।
नेशनल हेराल्ड केस में आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई। ट्रायल कोर्ट द्वारा चार्जशीट खारिज किए जाने के खिलाफ ईडी की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच फैसला लेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को इस्तीफा भेजा। दिल्ली आवास पर आग के दौरान मिले थे 500 के नोटों के बंडल। जानें महाभियोग और जांच की पूरी कहानी।
मध्य प्रदेश नर्सिंग घोटाले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने GNM प्रथम वर्ष के रिजल्ट पर रोक लगाते हुए नर्सिंग काउंसिल से कॉलेजों के संसाधनों की पूरी रिपोर्ट मांगी है।






















