नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश में तबाही मचा दी है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से देश को करीब 400 अरब नेपाली रुपए का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
केवल लंबे समय तक काम करने से किसी कर्मचारी को स्थाई कर्मी बनने का अधिकार नहीं मिल जाता। जनभागीदारी समिति द्वारा नियुक्त व्यक्ति भी केवल नियुक्ति के आधार पर राज्य सरकार का नियमित कर्मचारी नहीं बन सकता।
एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को लागू करने की कोशिशों पर दो हफ्ते के लिए अस्थायी रोक लगा दी है, जो डाक मतदान को सीमित करता है। यह रोक ऐसे समय में लगाई गई है, जब मध्यावधि चुनावों के लिए पहला डाक बैलेट भेजे जाने में महज एक हफ्ता बचा है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स टूट गया, जबकि निफ्टी नीचे फिसल गया है। निवेशकों के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता बरकरार है। वहीं एयरटेल और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान डीए और डीआर देने के केस में पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की सभी अपीलों को खारिज कर दिया है।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में 122 भारतीय एथलीट मेडल जीतने के इरादे से उतरे हैं। भारत 8 सामान्य खेलों में पदक की चुनौती पेश कर रहा है। इतना ही नहीं, भारतीय खिलाड़ी 5 पैरा स्पर्धाओं में भी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा तैराकी, पैरा ट्रैक साइकिलिंग और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं।
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को एक के बाद एक सियासी झटके लग रहे हैं। दरअसल, आज एक बार कलकत्ता हाईकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है।
भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव का माहौल दिख रहा है। एचडीएफसी बैंक और एल एंडी जैसे शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, जबकि रिलायंस और इन्फोसिस में कमजोरी देखने को मिली। अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई और वहां के बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
महाराष्ट्र में भी उद्धव ठाकरे के साथ खेला हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे स्पीकर को पत्र देकर एकनाथ शिंदे की पार्टी में विलय करने की मांग की है। छह सांसदों ने अपना गुट बनाकर शिवसेना में विलय कर दिया है।





















