आज भारतीय शेयर बाजार में सुबह से ही हरियाली दिखी। इससे मायूस कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। बुधवार को सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान पर खुले। शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे कमजोर हुआ।
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज लाल निशान पर हुई। देखते ही देखते गिरावट और तेज हो गई। सेंसेक्स फिसलता दिखा। निफ्टी का भी यही हाल है। वहीं ब्लॉक डील के चलते वेदांता के शेयर 6 फीसदी टूटे। एशियाई बाजारों में कमजोर रुझानों और विदेशी निधियों की नई निकासी के कारण भी शुरुआती कारोबार के दौरान शेयरों में सुस्ती दिखी।
भारतीय शेयर बाजार में बीते 5 दिनों से चली आ रही रैली थम गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। आज कारोबार के दौरान आईटी स्टॉक्स खासतौर पर दबाव में लुढ़कते दिखे। इससे कारोबारियों में निराशा छा गई। दरअसल, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद खराब रही।
भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव का माहौल दिख रहा है। एचडीएफसी बैंक और एल एंडी जैसे शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, जबकि रिलायंस और इन्फोसिस में कमजोरी देखने को मिली। अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई और वहां के बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
ईरान और अमेरिका के बीच जंग रोकने को लेकर बनी सहमति के बाद शेयर बाजार लगातार हरे निशान पर दिख रहा है। आज भी उछाल दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी सपाट लेकिन हरे निशान पर खुले। शुरूआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे मजबूत हुआ।
एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से द्विपक्षीय व्यापार समझौते और सेक्शन 301 टैरिफ उपायों को लेकर गहन चर्चा चल रही है। जानिए 7 जुलाई को होने वाले अंतिम फैसले और वाणिज्य मंत्रालय के इस कदम के मायने।
भारतीय शेयर बाजार में आज एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले। आज बाजार खुलने के साथ ही एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है। जापान का टॉपिक्स और निक्केई गिर गया। वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्डैक और कोस्पी टूटा नजर आया।
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज घरेलू शेयर बाजार में राहत की किरण नजर आ रही है। बीते कुछ दिनों से बिकवाली का दबाव झेल रहे बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर कारोबर करते दिख रहे हैं। हालांकि, शुरुआती कारोबार में बढ़त के बाद बेंचमार्क सूचकांकों पर बिकवाली का जोर दिखा।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर छाई अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा।






















