अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर छाई अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती कारोबार में फिसल गए। इसके अलावा, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1.4% टूट गया और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी 0.4% की गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज गिरावट के साथ खुला। वहीं कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण रुपया लगातार पांचवें दिन कमजोर होकर 94.25 पर पहुंच गया।
हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी भी गिरकर नीचे पहुंच गया। इटरनल और इंडिगो के शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे गिरकर 93.07 पर आ गया।
केंद्र सरकार ने 5 किलो वाले LPG सिलेंडर के नियमों को आसान बनाया है। अब बिना एड्रेस प्रूफ, सिर्फ फोटो आईडी दिखाकर छोटा सिलेंडर खरीदा जा सकता है। प्रवासियों के लिए HPCL आउटलेट्स पर हेल्प डेस्क भी शुरू।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी शुक्रवार को शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। वहीं शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 27 पैसे गिरकर 90.95 पर आ गया। दरअसल, गुरुवार को आई भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को भी भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी शनिवार को भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के लिए नए घोषित फ्रेमवर्क की तारीफ करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दिखाता है। दरअसल, पीएम ने एक्स पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा-भारत और अमेरिका के लिए बहुत ही अच्छी खबर है।
यूरोपीय संघ के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने भारत के साथ व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताया। जानें कैसे उनकी गोवा की जड़ें और OCI कार्ड भारत-EU संबंधों को नई मजबूती दे रहे हैं।
भारत और यूरोपिय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता साइन हो चुका है। 18 साल की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने नई दिल्ली में इसे हरी झंडी दिखा दी है। यूरोपीय संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक की, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी घोषणा कर दी है।





















