चार दिन तक चली सूर्य उपासना की परंपरा मंगलवार को सुबह पूरी हो गई। कार्तिक शुक्ल सप्तमी पर आज छठ महापर्व का आखिरी दिन है। भोपाल के 52 घाटों पर सुबह की पहली किरण के साथ श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को दूध, जल और प्रसाद से अर्घ्य अर्पित किया।
कार्तिक शुक्ल षष्ठी पर मध्य प्रदेश के 52 घाटों पर डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य। इंदौर में सीएम मोहन यादव शामिल हुए। भोपाल में प्रदेश के पहले छठ मैया मंदिर का लोकार्पण हुआ। जानें पर्व की भव्यता।
सतना में भक्ति, आस्था और शुद्धता के प्रतीक छठ महापर्व की धूम है। संतोषी माता तालाब भक्तों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। सोमवार की शाम व्रती अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगे, जबकि मंगलवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगे। सांसद गणेश सिंह ने तैयारियों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के निर्देश दिए हैं।
28 अक्टूबर 2025 का दैनिक पंचांग (मंगलवार)। जानें तिथि षष्ठी/सप्तमी, पूर्वाषाढ़ा/उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, राहुकाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त और छठ पूजा (प्रातः अर्घ्य) का महत्व।
जानें आस्था और आत्मसंयम का महापर्व छठ पूजा 2025 कब है। नहाय-खाय से शुरू होने वाले चार दिवसीय इस व्रत का महत्व, 36 घंटे के निर्जला व्रत के नियम और पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की पूरी सूची।
छठ पूजा, जिसे लोक आस्था का महापर्व कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश (पूर्वी भाग) और नेपाल के मधेश क्षेत्र में मनाया जाता है


















