रीवा के सेमरिया क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में दो अवैध क्लीनिक सील किए गए। जांच में बिना पंजीयन इलाज, आवश्यक संसाधनों की कमी और एलोपैथिक दवाओं की अवैध बिक्री का खुलासा हुआ।
जबलपुर में CMHO ने नियमों की अनदेखी करने वाले 5 अस्पतालों और 121 क्लीनिकों का पंजीयन रद्द कर संचालन बंद करने के आदेश दिए हैं। जानें किन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई।
पं. अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज के छात्रों को अस्पताल न खुलने और सुविधाओं के अभाव के कारण ओपीडी कक्षों में मरीजों के बीच खड़े होकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में क्लीनिकल हॉल न मिलने और कॉलेज से 8 किमी दूर अस्पताल तक रोज़ाना 240 छात्रों की आवाजाही ने समस्याओं को और गंभीर बना दिया है।
रीवा की डॉक्टर कॉलोनी में सरकारी बंगले और आवासों को अवैध क्लीनिक व पैथालॉजी सेंटर में बदल दिया गया है। बिना पंजीयन डॉक्टर न केवल मरीजों का इलाज कर रहे हैं बल्कि ऑपरेशन और जांच तक कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले पर मौन है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा भी निजी प्रैक्टिस की जा रही है, जबकि नियमों के तहत यह प्रतिबंधित है। अगर इन अवैध क्लीनिकों से किसी मरीज की जान जाती है, तो जिम्मेदारी कौन लेगा — यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
गौरिहार में सरवई तिराहे के पास अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक में मरीज की मौत से हड़कंप। झोलाछाप डॉक्टर इलाज के दौरान ई-रिक्शा से मरीज को अस्पताल पहुंचाकर फरार। परिजनों के हंगामे के बाद प्रशासन ने मेडिकल स्टोर और क्लीनिक सीज किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी।
स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी ने आदेश जारी किया कि प्रदेश के चिकित्सा विशेषज्ञ और पीजी चिकित्सा अधिकारी अब प्रशासकीय कार्यों से मुक्त होकर केवल क्लीनिकल सेवाएं देंगे। जिलों में विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए सीएमएचओ और सिविल सर्जन को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल में CMHO की टीम ने चलाया 'ऑपरेशन क्लीनिक'। नवोदय कैंसर अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट उल्लंघन पर नोटिस, बैरसिया में ऐश्वर्या शर्मा का अपंजीकृत क्लीनिक सील। जानें कैसे स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है अवैध प्रैक्टिस पर कार्रवाई।



















