मध्यप्रदेश कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस नेताओं में कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी में एकता कम, बिखराव ज्यादा दिखने लगा है। इससे पार्टी आलाकमान की चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस में सियासी घमासान के बीच अब पचमढ़ी की वादियों में नवयुक्त जिलाध्यक्षों को एकता, संगठन और राजनीति का पाठ पढ़ाया जाएगा।
मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस ने 31 जिलों के अध्यक्ष घोषित किए हैं। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान ने भोपाल शहर में राघवेन्द्र सिंह मीणा और भोपाल ग्रामीण में राम मेहर को अध्यक्ष बनाया है। 24 जिलों के अध्यक्षों की घोषणा बाद में की जाएगी।
सतना में किसानों को खाद की किल्लत से राहत दिलाने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने 7 दिन में व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी और कहा कि समस्या हल न होने पर वे सड़कों पर उतरेंगे। साथ ही एफआईआर वापस लेने और जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्रता की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग भी की।
सतना में कांग्रेस के नए जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा की नियुक्ति के बाद पार्टी गुटबाजी और पोस्टर पॉलिटिक्स में उलझ गई है। स्वागत पोस्टरों से कद्दावर कांग्रेसी नेता अजय सिंह राहुल की तस्वीर गायब होने पर नाराजगी बढ़ी। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह कदम पार्टी को और अधिक बिखराव की ओर ले जा रहा है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने लंबे इंतजार के बाद एक साथ 71 जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी है। इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें विधायकों और पूर्व मंत्रियों को भी जिले की कमान सौंपी है।
















