मध्यप्रदेश में अंतिम मतदाता सूची 2026 का प्रकाशन हुआ। प्रदेश में कुल 5.39 करोड़ मतदाता हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने राजनीतिक दलों को सौंपी सूची।
वैलेंटाइन डे मनाने बांधवगढ़ से मैहर पहुंचा हाथी का जोड़ा। बांधवगढ़ से भागकर मैहर पहुंचे हाथी जोड़े ने रात भर वन अमले को छकाया, खेतों में नुकसान, ग्रामीणों में दहशत।
जबलपुर में बंगाली क्लब के 100 वर्ष पूरे होने पर जेपी नड्डा ने बंगाल की सुरक्षा पर चिंता जताई। जानें मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में हुए 121 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन की पूरी रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश में निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का गणना चरण संपन्न। 5.31 करोड़ से अधिक प्रपत्र जमा। जानें 23 दिसंबर से शुरू होने वाली दावा-आपत्ति प्रक्रिया और नाम जुड़वाने के नियम
सीएम डॉ. मोहन यादव ने 2 साल की उपलब्धियों में नक्सलवाद पर पूर्ण नियंत्रण, 800 करोड़ की शिप्रा शुद्धिकरण योजना और इंदौर-भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकास को प्रमुख बताया। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राइवेट से अधिक वेतन देने की घोषणा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2025 को उज्जैन के तिलकेश्वर महादेव मंदिर गौशाला में गोवर्धन पूजा और विशाल गौ-अन्नकूट में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति हमें प्रकृति से जोड़े रखती है, और सही मायनों में दीपावली तभी सार्थक होगी जब किसान और गौ-वंश उन्नत होंगे
रीवा के पद्मधर पार्क में आयोजित श्रीयुत शताब्दी समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उपस्थिति ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विंध्य की पुरानी गौरवगाथा की याद दिला दी। स्व. श्रीनिवास तिवारी और दिग्विजय सिंह की जोड़ी कभी विंध्य की राजनीति का पर्याय मानी जाती थी, जिसे कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मध्यप्रदेश के खंडवा में एक युवती ने प्यार के लिए अपना धर्म बदल लिया। मुस्लिम युवती ने न केवल हिंदू धर्म अपनाया, बल्कि लाल जोड़ा पहनकर मंदिर में सात फेरे भी लिए। अब यह प्रेम विवाह चर्चा का विषय बन गया है। मंदिर में उनके साथ कुछ मित्र थे, जिन्होंने शादी के लिए उनकी मदद की। शादी के बाद दोनों बहुत खुश नजर आए।
आज 22 जुलाई 2025, बुधवार का पंचांग देखें। जानें श्रावण कृष्ण पक्ष द्वितीया के शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय और दिन के अन्य महत्वपूर्ण खगोलीय योग।
रीवा में शांति रॉयल स्टेट द्वारा बीहर नदी पर बनाई गई अवैध दीवार आखिरकार नदी की धार के सामने टिक नहीं पाई। प्रशासन और कॉलोनाइजरों की मिलीभगत ने शहर को बाढ़ के खतरे में डाल दिया। नदी की धारा रोकने से शहर जलमग्न हो गया, ईको पार्क, बोदाबाग और सैनिक स्कूल तक पानी पहुंचा। सवाल उठता है—क्या अब भी कार्रवाई होगी या फिर अगली आपदा का इंतजार किया जाएगा?






















