रीवा में बारिश और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट, न्यूनतम पारा 7 डिग्री लुढ़का, अधिकतम 36 डिग्री पहुंचा, अगले सप्ताह तक मौसम सुहावना रहने की संभावना, विभाग ने बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी
मध्य प्रदेश में गर्मी ने पकड़ी रफ़्तार। नर्मदापुरम सबसे गर्म शहर रहा, जबकि रतलाम और धार समेत 10 जिलों में मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश में गर्मी ने पकड़ी रफ़्तार। नर्मदापुरम सबसे गर्म शहर रहा, जबकि रतलाम और धार समेत 10 जिलों में मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। रतलाम में पारा 39 डिग्री पहुंचा। जानें मौसम विभाग की नई गाइडलाइन और आने वाले दिनों का हाल।
मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच अब बारिश की चेतावनी। 15 जनवरी से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एमपी के उत्तरी हिस्सों में मावठा गिरने की संभावना है। जानें अपने शहर का हाल
देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से मैदानी राज्यों में गलन बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर की सोनमर्ग टनल के पास तेज बर्फबारी शुरू हो गई है। हिमाचल में के लाहौल स्पीति में मंगलवार शाम से ही बर्फबारी शुरू है। यहां तापमान -10 डिग्री तक जाने की चेतावनी जारी की गई है।
देशभर में शीतलहर का कहर बरकरार है। पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान तीन से सात डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं ने गलन और बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों और लेकिन हवा की गति काफी मंद रहने से मौसम में विशेष परिवर्तन नहीं दिख रहा। हालांकि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि दो दिन में रात के तापमान में दो से तीन डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है।
बर्फीली हवाओं की वजह से मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है। भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों में पारा रिकॉर्ड लेवल पर लुढ़का है। भोपाल में तो नवंबर के इतिहास की सबसे सर्द रात रिकॉर्ड हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक प्रदेश के आधे हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
मध्यप्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बीती रात भोपाल में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। पहली बार सीजन में नीचे पहुंच गया, जो राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित अधिकांश शहरों में पारा सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया।






















