रीवा में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रिटायरमेंट की कगार पर खड़े पटवारी को भूमि नामांतरण के बदले 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो में राजस्व विभाग की समीक्षा की। किसानों और नागरिकों के लंबित नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया।
संपदा 2.0 योजना, जिसे सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम बताया था, अब जनता के लिए मुसीबत बन गई है। सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और विदिशा समेत प्रदेश के जिलों में नामांतरण, बटवारा, खसरा सुधार और रजिस्ट्री जैसी प्रक्रियाएं महीनों से अटकी हुई हैं। तकनीकी खामियां, सर्वर डाउन, अधूरी प्रविष्टियां और पटवारियों की मनमानी ने लोगों का भरोसा डगमगा दिया है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर में लोकायुक्त टीम ने पटवारी अनिल रूसिया को 1 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा। जमीन के नामांतरण के लिए मांगी थी रिश्वत।
















