रीवा में आयोजित पुस्तक मेले में छूट के वादे अधूरे रह गए। अभिभावकों को किताबों पर मामूली छूट मिली, कई जरूरी पुस्तकें भी उपलब्ध नहीं थीं, जिससे लोगों में नाराजगी और निराशा देखने को मिली।
रीवा मेडिकल कॉलेज बैठक में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला भड़के, डीन पर भुगतान रोकने के आरोप। लंबित बिल और सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी, सुधार के सख्त निर्देश दिए।
सतना के नए आईएसबीटी से बस संचालन शुरू हो गया है, लेकिन अव्यवस्था, बस ऑपरेटरों की नाराजगी और यात्रियों की परेशानी ने हालात गंभीर बना दिए हैं।
मध्यप्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 200 लोग बीमार हो गए। वहीं अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन में सिर्फ चार लोगों की मौत स्वीकारी है। हर मौत दूषित पानी से ही हुई है। कई लोग अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
सतना जिला पंचायत की सामान्य सभा में सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया। पीएमजीएसवाई के महाप्रबंधक पर जर्जर सड़कों और अधूरे कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए, साथ ही शीघ्र कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
जामनगर में गुजरात जोड़ो यात्रा से जुड़ी एक जनसभा के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया को मंच पर जूता मारने की घटना सामने आई है। दरअसल, जब इटालिया भाषण दे रहे थे, तभी मंच के पास जमीन पर बैठा एक आदमी उठा और एक जूता जड़ दिया।
मध्यप्रदेश के धार के खलघाट टोल प्लाजा पर नेशनल हाईवे 52 के किनारे चार जिलों के किसान धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि पिछले पांच महीनों में सरकार को कई आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालने के बाद से सबसे पहले टैरिफ का बम फोड़ा। उन तमाम देशों पर टैरिफ लगाया, जिनके साथ सालों से अमेरिका का कारोबार हो रहा था। भारत भी इस लिस्ट में शामिल है। ट्रंप ने उन देशों पर टैरिफ लगाना शुरू किया, जो अमेरिका को अपना सामान बेचते थे।
एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि भोज वेटलैंड क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और गंदे पानी का प्रवाह जारी है। यह न केवल पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी की भी अनदेखी है। पीठ ने कहा कि 7 अक्टूबर को दिए गए आदेश के बाद भी अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये घटना सिर्फ सुप्रीम कोर्ट या वकीलों के समुदाय को नहीं, बल्कि पूरे समाज को आहत करती है।






















