मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृंदावन में जीवनदीप आश्रम का उद्घाटन किया और संतों को सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन आमंत्रित किया। जानें भगवान कृष्ण और सांदीपनि आश्रम का संबंध
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में संघ के 100 साल पूरे होने पर बड़े संकेत दिए। जानें 75 साल की आयु में रिटायरमेंट और राष्ट्र निर्माण पर उनके विचार।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा-लव जिहाद जैसी घटनाओं को परिवार के भीतर संवाद मजबूत कर रोका जा सकता है। जब घर और परिवार में नियमित बातचीत होगी, तो ऐसी समस्याओं पर स्वत: अंकुश लगेगा। भोपाल के शिवनेरी भवन में आयोजित स्त्री शक्ति संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने ये बात कही।
सभी अपने मन से अलगाव और भेदभाव हटाएं। जो भी हिंदू हैं वो एक हैं। सभी मंदिर, जलस्त्रोत और श्मशान गृह सभी के लिए खुले रहें। किसी का मूल्यांकन उसकी जाति, संपत्ति या भाषा से न करें। सामाजिक समरसता हमारी मजबूती बने। हमें एक दूसरों के घर आना-जाना चाहिए। हमें संकटों पर चर्चा को विस्तार देने की बजाए उनके उपायों पर काम करना चाहिए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। RSS को BJP से जोड़कर देखना बड़ी गलती है। संघ का उद्देश्य सज्जन नागरिकों का निर्माण और समाज को विश्वगुरु बनने के लिए तैयार करना है।
श्रीमद्भागवत गीता, महाभारत के भीष्म पर्व का एक भाग है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को युद्ध-क्षेत्र में आत्म-ज्ञान, कर्तव्य और मोक्ष के मार्ग का उपदेश देते हैं। गीता आत्मा की अमरता और उसके वास्तविक स्वरूप को स्पष्ट करती है, जिससे व्यक्ति अपने अस्तित्व के मूल को समझता है।
झगड़ा करना हमारे देश का स्वभाव ही नहीं है। मिल-जुलकर रहना और भाईचारे को बढ़ावा देना ही हमारी परंपरा रहा है। दुनिया के अन्य हिस्से संघर्षों से भरे हालात में बने। वहां जब एक राय बन जाती है तो उसके अलावा हर विचार को अस्वीकार कर दिया जाता है।
भारत और हिंदू एक ही हैं। भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है। इसकी सभ्यता पहले से ही इसे जाहिर करती है। हिंदू सिर्फ धार्मिक शब्द नहीं बल्कि एक सभ्यतागत पहचान है, जो हजारों साल की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी है। भारत और हिंदू पर्यायवाची हैं।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संगठन का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, यह लोगों का समूह है। उन्होंने कहा कि भारत में सभी हिंदू हैं और हिंदू राष्ट्र होना संविधान के अनुरूप है।
जबलपुर में RSS की कार्यकारी मंडल बैठक का समापन। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने विजयादशमी कार्यक्रमों के आंकड़े जारी किए: 62,555 कार्यक्रम, 32 लाख से अधिक स्वयंसेवकों की भागीदारी। संघ का शताब्दी वर्ष पर फोकस और मणिपुर, वंदेमातरम्, नक्सलवाद पर बयान।






















