मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दतिया के भांडेर में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित किया। जानें यशोदा योजना, केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी के बारे में।
पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार धराशायी। जानें सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के 5 बड़े कारण और निवेशकों पर इसका असर।
खेल के मैदान से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। नेशनल पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर एक 17 साल की राष्ट्रीय स्तर की महिला निशानेबाज के साथ यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है।
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 9वीं-10वीं के लिए आयोजित गणित एवं विज्ञान ओलंपियाड 2025 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। विजेताओं को 51 हजार रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया गया है
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 25 पैसे गिरकर ₹90.74 के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। व्यापार अनिश्चितता और FIIs की बिकवाली से रुपये पर दबाव।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की मार्च 2026 तक होने की संभावना पर भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 54 पैसे गिरकर 90.48 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। आयातकों की मजबूत मांग, मेक्सिको टैरिफ और FII बिकवाली ने रुपये पर दबाव डाला।
मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को देखते हुए 5,000 नए होमगार्ड की भर्ती की जाएगी। यह घोषणा आज यानी शनिवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर की।
देश में सोने-चांदी के भाव में तूफानी तेजी दर्ज की गई। इस तेजी में चांदी की स्पीड सोने से अधिक है। दरअसल, चांदी के दाम बुधवार को आल टाइम हाई पर पहुंच गए हैं। आज चांदी के भाव 3,504 रुपए बढ़कर 1,78,684 रुपए किलो हो गया है।
सोना-चांदी का भाव एक बार फिर आसमान पर पहुंच गया है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर खुलने के साथ ही चांदी की कीमत 3500 रुपए से ज्यादा उछल गई और अपने नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई।
भारत में कुल प्रजनन दर (टीएफआर) में गिरावट के कारण वर्ष 2080 तक देश की आबादी 1.8 या 1.9 अरब पर स्थिर होने की उम्मीद है। वर्तमान में टीएफआर 1.9 है, जो प्रतिस्थापन स्तर से कम है। भारत तेजी से जनसांख्यिकीय परिवर्तन से गुजर रहा है, जहां पिछले दो दशकों में जन्म दर में तीव्र गिरावट आई है।






















