रीवा जिले का टोंस वॉटरफॉल बीते पांच सालों से पर्यटकों के लिए बंद पड़ा है। लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया पर्यटन केन्द्र अब जर्जर हालत में है। वन विभाग की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण इस लोकप्रिय स्थल को दोबारा चालू नहीं किया जा सका है।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
टोंस वाटर फॉल को पर्यटकों के लिए तैयार करने में वन विभाग ने लाखों फूंक दिए। काम इतना घटिया हुआ कि सीढ़ियां, रेलिंग सब टूट गर्इं। सुरक्षा के लिहाज से 5 साल पहले इसे बंद कर दिया गया। कई मर्तबा मुद्दा उठा लेकिन आज तक वन विभाग इसे चालू नहीं करा पाया। बीच में प्राइवेट हाथों में भी इसे देखने की सुगबुगाहट शुरू हुई थी। फिर वह भी बंद हो गई। अब पर्यटक गेट तक पहुंच कर लौट आते हैं। अंदर इंट्री नहीं मिलती। एक तरफ रीवा को पर्यटन केन्द्र बनाने की तैयारी चल रही। वहीं दूसरी तरफ पर्यटन केन्द्रों की हालत खराब है।
ज्ञात हो कि टोंस वाटर फॉल को मनोरंजन क्षेत्र घोषित किया गया था। यहां पर्यटकों को घूमने के लिए व्यवस्थाएं बनाने के लिए ईको पर्यटन विभाग से लाखों रुपए मिले थे। इस राशि से तत्कालीन डीएफओ विपिन पटेल ने निर्माण कार्य कराया था। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर शुरू से ही सवाल खड़े हो गए थे। मामले में शिकायत और जांच भी हुई, लेकिन सब में लीपापोती कर दी गई थी। घटिया काम का नतीजा ही था कि कुछ महीने में ही इसे वॉटर फॉल को पर्यटकों के घूमने के लिए ही बंद कर दिया गया। तत्कालीन रेंजर सिरमौर ने डीएफओ को पत्र लिखकर टोंस वाटर फॉल मनोरंजन क्षेत्र को पर्यटकों के लिए असुरक्षित बताया था। इसके बाद ही वर्ष 2020 में टोंस वॉटर फॉल में ताला लग गया था।
वन विभाग के कर्मचारियों को यहां रोकटोक के लिए तैनात कर दिया गया था। इसके बाद भी पर्यटक चोरी छिपे यहां पहुंचते रहे। कई पर्यटकों के साथ मारपीट और लूटपाट भी हंव्द्घई। अब यह पर्यटन क्षेत्र पंव्द्घलिस के पहरे में है। भले ही टोंस के कर्मचारी यहां तैनात हैं लेकिन पुलिस की अनुमति के बिना यहां कोई नहीं जाता। टोंस वॉटर फॉल की डिमांड रीवा में सबसे ज्यादा है। यहां पर्यटक जाना भी चाहते हैं लेकिन यह 5 सालों से बंद है।
अक्टूबर 2020 में बंद कर दी गई थी इंट्री
टोन्स वाटर फॉल मनोरंजन केन्द्र सिरमौर में लगी सीढ़ी एवं स्टील रेलिंग टूटने के कारण 18 अक्टूबर 2020 को एक पर्यटक गिर गया था। इसके बाद ही वन विभाग ने यहां की इंट्री पर रोक लगाई थी। हाल ही में लुक छिप कर लोगों की इंट्री हो रही थी। एक परिवार के साथ लूटपाट और गाड़ी में तोडफोड़ भी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने पहरा बैठा दिया है।
करीब 35 लाख रुपए मिले थे
टोंस वाटर फॉल को मनोरंजन केन्द्र के रूप में तैयार करने के लिए ईको पर्यटन विभाग से वन विभाग को करीब 35 लाख रुपए मिले थे। इस राशि से क्षेत्र को पर्यटकों के लिए बेहतर बनाने के लिए काम करना था। कुर्सियां, रेलिंग, सीढ़ियां आदि इसी राशि से लगाई गई थी। अब सारी चीजें टूट चुकी हैं। इसे अब तक सुधारा नहीं जा सका है। रीवा के लोगों ने इसे दोबारा शुरू करने की मांग भी की लेकिन वन विभाग फिलहाल तैयार नहीं है।
5 साल से हो रहा दोबारा खुलने का इंतजार
अक्टूबर 2020 में टोंस वाटर फाल को बंद किया गया था। टूटी रेलिंग को सुधारने की वन विभाग ने सुध नहीं ली। इसी वजह से पर्यटकों को यहां जान जोखिम में डालकर चोरी छिपे पहुंचना पड़ रहा है। यह पहले से और ज्यादा खतरनाक हो गया है। यहां अभी पर्यटकों का आना जाना जारी है लेकिन वन विभाग और शासन को इससे कोई फायदा नहीं मिल रहा है। बीच में प्राइवेट एजेंसी को भी तीन पर्यटन केन्द्रों को देने की योजना चल रही थी। इसका विरोध हुआ तो प्रक्रिया भी रोक दी गई। अब सब कुछ ठंडे बस्ते में है।
पर्यटकों को सुरक्षा देने से घबरा रहा विभाग
टोंस वाटर फॉल वन विभाग की सम्पत्ति है। वन विभाग ने ही इसे पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया था। इस पर लाखों खर्च भी किए थे। यह पर्यटन का बेहतरीन केन्द्र बन सकता है। अब इस केन्द्र को दोबारा शुरू करने से वन विभाग ही कतरा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को पर्याप्त सुरक्षा देने से हाथ पीछे खींच रहा है। यही वजह है कि टोंस वाटर फॉल को शुरू नहीं किया जा रहा।


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