जबलपुर। स्टार समाचार वेब
विदिशा के चर्चित आत्महत्या मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव को बड़ा कानूनी झटका लगा है। जबलपुर स्थित विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने भार्गव की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद पूर्व विधायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं और अब उनके पास कानूनी विकल्प सीमित रह गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला विदिशा के बेहलोट गांव निवासी गोविंद सिंह की दुखद आत्महत्या से जुड़ा है। 27 अप्रैल को गोविंद सिंह ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी थी। मरने से पहले उन्होंने अपने परिजनों को कुछ वीडियो संदेश भेजे थे। इन वीडियो और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया, जिसमें पूर्व विधायक शशांक भार्गव का नाम सामने आया। पुलिस का आरोप है कि गोविंद सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था, जिसके चलते भार्गव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कोर्ट ने क्यों नहीं दी राहत?
गिरफ्तारी से बचने के लिए शशांक भार्गव ने पहले विदिशा जिला न्यायालय और फिर ग्वालियर हाईकोर्ट का रुख किया था। बाद में मामला जबलपुर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित हो गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विदिशा पुलिस से भार्गव के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और जांच में सहयोग की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि भार्गव के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं और वे वर्तमान जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
अब आगे क्या होगा?
कोर्ट के आदेश के बाद शशांक भार्गव के सामने अब केवल दो रास्ते बचे हैं:
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सुप्रीम कोर्ट का रुख: वे जबलपुर कोर्ट के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल कर सकते हैं। कानूनी जानकारों के अनुसार, उनके वकील इस दिशा में तैयारी कर रहे हैं।
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आत्मसमर्पण: यदि उन्हें ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिलती है, तो उन्हें विदिशा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा, जिसके बाद वे नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकेंगे।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। वहीं, गिरफ्तारी की तलवार लटकने के कारण भार्गव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।























