पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ पहले सिंधु जल समझौते को रद्द किया, फिर आपरेशन सिंदूर करके उसे गहरा घाव दिया और अब एक और बड़ा प्रहार करने जा रहा है। गर्मियां आने वाली हैं ऐसे में पाकिस्तान की पानी की बूंद-बूंद के लिए मोहताज हो जाएगा।
By: Arvind Mishra
Feb 18, 20261:35 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ पहले सिंधु जल समझौते को रद्द किया, फिर आपरेशन सिंदूर करके उसे गहरा घाव दिया और अब एक और बड़ा प्रहार करने जा रहा है। गर्मियां आने वाली हैं ऐसे में पाकिस्तान की पानी की बूंद-बूंद के लिए मोहताज हो जाएगा। क्योंकि भारत रावी से पाकिस्तान को सरप्लस पानी का फ्लो रोकने का प्लान बना रहा है। जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा के अनुसार, सिंधु जल संधि के सस्पेंशन से पंजाब-जम्मू और कश्मीर बॉर्डर पर शाहपुर कंडी डैम के काम में तेजी आई है और यह प्रोजेक्ट लगभग पूरा होने वाला है। मंत्री ने कहा कि एक बार डैम चालू हो जाने पर भारत रावी नदी से पाकिस्तान में जाने वाले ज्यादा पानी को रोक पाएगा।
मार्च में पूरा होगा काम
राणा ने कहा कि शाहपुर कंडी डैम का काम 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है और इसका पानी सूखे से प्रभावित कठुआ और सांबा जिलों में भेजा जाएगा। पाकिस्तान को जाने वाला ज्यादा पानी रोका जाएगा। इसे रोकना ही होगा। कठुआ और सांबा जिले सूखे से प्रभावित इलाके हैं और यह प्रोजेक्ट, जो हमारी प्रायोरिटी है, कंडी इलाके के लिए बनाया जा रहा है।
शाहपुर कंडी बांध परियोजना
अभी रावी नदी का ज्यादा पानी माधोपुर से होकर पाकिस्तान में जाता है। यह बांध इस पानी को पंजाब और जम्मू-कश्मीर की तरफ मोड़ देगा। शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट के बारे में लगभग पांच दशक पहले 1979 में सोचा गया था। रावी नदी के पानी को पाकिस्तान जाने से रोकने के लिए योजना बनाई गई थी। इस प्रोजेक्ट की नींव 1982 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी। हालांकि, पंजाब और जम्मू-कश्मीर सरकारों के बीच अंदरूनी झगड़ों के कारण कंस्ट्रक्शन रुक गया था।
7.7 किमी लंबा हाइडल चैनल
वर्ष 2008 में इस प्रोजेक्ट को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित किया गया। इसे 3,394.49 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है, जिसमें से पंजाब 2,694.02 करोड़ (लगभग 80 प्रतिशत) दे रहा है, जबकि बाकी 700.45 करोड़ (20 प्रतिशत) भारत सरकार दे रही है। यह बांध 55.5 मीटर ऊंचा है और इसमें 7.7 किमी लंबा हाइडल चैनल शामिल है। इस प्रोजेक्ट से पंजाब में लगभग 5,000 हेक्टेयर और जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा में 32,173 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की सिंचाई में मदद मिलेगी।
सिंधु जल समझौता
23 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 आम लोगों की हत्या के एक दिन बाद भारत ने औपचारिक रूप से सिंधु जल संधि को रोक दिया। यह कदम आपरेशन सिंदूर के साथ उठाया गया और इससे भारत की पाकिस्तान पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव आया कि दुश्मनी के बीच सहयोग जारी नहीं रह सकता। पाकिस्तान की 80-90 प्रतिशत खेती सिंधु नदी सिस्टम पर निर्भर है, क्योंकि इस्लामाबाद की पानी जमा करने की क्षमता बहुत कम है।