संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस साल आयोग ने सर्विस एलोकेशन (सेवा आवंटन) और डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई अहम और बड़े बदलाव किए हैं। आईपीएस के लिए नियम ज्यादा स्पष्ट और सख्त किए गए हैं।

यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस साल आयोग ने सर्विस एलोकेशन (सेवा आवंटन) और डिजिटल सुरक्षा को लेकर कई अहम और बड़े बदलाव किए हैं। आईपीएस के लिए नियम ज्यादा स्पष्ट और सख्त किए गए हैं। अगर किसी उम्मीदवार का चयन पहले ही आईपीएस के लिए हो चुका है, तो वह सीएसई-2026 के जरिए दोबारा आईपीएस का विकल्प नहीं चुन सकता। इसके अलावा, अगर आप कार्यरत आईएएस और आईएफएस अफसर हैं तो अब इस परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। यदि मेन्स परीक्षा से पहले किसी उम्मीदवार की नियुक्ति इन सेवाओं में हो जाती है, तो उन्हें मुख्य परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी। जो उम्मीदवार उरए 2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेम्पट्स का उपयोग करने के लिए 2026 या 2027 में एक अंतिम अवसर (बिना इस्तीफा दिए) दिया गया है।

आधार सत्यापन अनिवार्य
परीक्षा में फर्जीवाडेÞ को रोकने के लिए एआई-आधारित फेशियल रिकॉग्निशन और आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाया गया है। उम्मीदवारों को अब एक नए चार-चरणों वाले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जो पूरी तरह से आधार से जुड़ा होगा।
अब ये होगी योग्यता
जो भी उम्मीदवार आईएएस के लिए अप्लाई कर रहे हैं उनके पास भारत में किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है। वहीं, आईएफएस उम्मीदवारों को एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री जरूरी है।
बदलावों को पढ़ लें
यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा-2026 के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही उन उम्मीदवारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो पहले से इस सेवा में हैं। आयोग ने कहा है कि जो पहले से ही किसी सेवा में चयनित हो चुके हैं। वे सीएसई के जारी पदों पर आवेदन नहीं कर सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेंस एग्जाम के पहले इन सेवाओं में हो जाता है, तो उसे मेंस देने की अनुमति नहीं मिलेगी। वहीं, आईपीएस के लिए भी एक नया नियम है। अगर कोई भी उम्मीदवार पिछली परीक्षाओं के आधार पर आईपीएस के लिए चुना जा चुका है, तो वह 2026 के रिजल्ट के आधार पर दोबारा आईपीएस कैडर का विकल्प नहीं चुन पाएगा।
उम्मीदवारों को देना होगा ध्यान
यूपीएससी ने उन उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव किए हैं, जो 2026 में ग्रुप अ सेवा में चयन होने के बाद फिर से एग्जाम देना चाहते हैं। ऐसे उम्मीदवारों को तभी एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा जब, वे संबंधित विभाग से ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट मिल जाए, लेकिन अगर वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते हैं और छूट भी नहीं लेते, तो उनका 2026 वाला आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही अगर वे साल 2027 में फिर से सफल होते हैं, तो उन्हें दोनों में से एक सेवा चुननी होगी और दूसरी रद्द मानी जाएगी।
वन-टाइम अपॉर्चुनिटी
यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि जो उम्मीदवार सीएसई-2025 या उससे पहले किसी सर्विस में आ चुके हैं, उन्हें अपने बचे हुए अटेम्पट्स को यूज करने के लिए 2026 या 2027 में एक लास्ट मौका दिया गया है (बिना इस्तीफा दिए), लेकिन अगर कोई उम्मीदवार 2028 या उसके बाद की सिविल सेवा परीक्षा में बैठना चाहता है, तो उसे अपनी वर्तमान पोस्ट से इस्तीफा देना होगा.।


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