सूने आंगनों में खिलखिलाहट की गूंज और तरसती बांहों को आखिरकार एक अधूरा-सा सुकून मिल गया। मध्य प्रदेश में ममता का दायरा और परिवारों का दिल इस कदर बढ़ा है कि बीते पांच वर्षों के सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए। लगातार दूसरे साल यह साबित हुआ है कि समाज की सोच में एक मानवीय बदलाव आ रहा है।

दत्तक ग्रहण में मध्य प्रदेश देश में नौवें स्थान पर पहुंचा
मध्य प्रदेश में बेटियों के लिए खुल रहे दिलों के दरवाजे
14 बच्चों को सरहदों के पार विदेश में मिला आशियाना
भोपाल। स्टार समाचार वेब
सूने आंगनों में खिलखिलाहट की गूंज और तरसती बांहों को आखिरकार एक अधूरा-सा सुकून मिल गया। मध्य प्रदेश में ममता का दायरा और परिवारों का दिल इस कदर बढ़ा है कि बीते पांच वर्षों के सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए। वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 221 मासूमों को न सिर्फ एक छत, बल्कि मातृत्व की छांव और पिता का दुलार मिला और इस सुखद बदलाव की सबसे खूबसूरत तस्वीर यह है कि इनमें से 125 बेटियां हैं। लगातार दूसरे साल यह साबित हुआ है कि समाज की सोच में एक मानवीय बदलाव आ रहा है। गोद लिए गए हर 100 बच्चों में 57 बेटियां हैं, जो यह बयां करती हैं कि बेटियां अब सिर्फ कुल का नाम नहीं, बल्कि घरों का उजाला बनकर अपनाई जा रही हैं।केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) की रिपोर्ट के अनुसार, जहां 2024-25 में 133 बच्चों के आंगनों में रोशनी हुई थी। वहीं इस बार 88 और मासूमों का हाथ किसी ने थाम लिया। कुल 221 बच्चों में से 207 को अपने ही देश में मां-बाप का प्यार मिला, जबकि 14 बच्चों को सरहदों के पार विदेश में नया आशियाना मिला।
9वें स्थान पर पहुंच मध्यप्रदेश
इस संवेदनशील पहल के बल पर मध्य प्रदेश, देश में दत्तक ग्रहण के मामले में लंबी छलांग लगाकर 13वें से 9वें स्थान पर आ पहुंचा है। वर्ष 2025-26 में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 792 बच्चों को गोद लिया गया। गुजरात में 547, तमिलनाडु में 501, कर्नाटक में 377, ओडिशा में 308, तेलंगाना में 307, पश्चिम बंगाल में 237 और उत्तर प्रदेश में 231 बच्चों को परिवार मिला। मध्य प्रदेश 221 बच्चों के साथ नौवें स्थान पर रहा। राजस्थान 172 दत्तक ग्रहण के साथ दसवें स्थान पर रहा।
बेटियों से ही पूरा हो रहा परिवार का सपना
सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति साहू बताती हैं कि वह दौर बीत चुका है जब सिर्फ वंश बढ़ाने के लिए बेटों की चाह में लोग गोद लेने की प्रक्रिया से जुड़ते थे। आज कई ऐसे दंपती सामने आ रहे हैं, जिनके पास पहला बच्चा बेटा है और वे परिवार में एक बेटी की किलकारी सुनने की हसरत लेकर आ रहे हैं। वहीं, नि:संतान दंपती भी अब बेटियों को अपनाने में गर्व महसूस कर रहे हैं।
इच्छुक परिवारों की कतार भी लंबी
मातृ छाया (सेवा भारती) और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, जैसे-जैसे समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ी है, वैसे-वैसे बच्चे को गोद लेने के इच्छुक परिवारों की कतार भी लंबी हुई है।
चार चाल तक का इंतजार
पहले जहां पंजीयन के बाद एक से डेढ़ साल में गोद में बच्चा आ जाता था। वहीं अब प्रतीक्षा सूची में करीब 1,500 परिवार हैं। इसके चलते परिवारों को 2.5 से लेकर 4 साल तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
सीमित हैं कानूनी रास्ते
संस्थाओं में रहने वाला हर बच्चा गोद लेने के लिए तुरंत उपलब्ध नहीं होता। जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को पूरी तरह मुक्त घोषित नहीं किया जाता, उसे गोद नहीं दिया जा सकता। कारा पोर्टल पर आनलाइन पंजीयन से शुरू होने वाला यह सफर काफी सख्त कानूनी और भावनात्मक जांच से होकर गुजरता है।

मध्य प्रदेश में 21 साल के लंबे इंतजार के बाद 25 सितंबर को बड़े तामझाम के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की गई। भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिन 351 आधुनिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, उनकी जमीनी हकीकत 24 घंटे के भीतर ही बेनकाब हो गई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। यह धमकी राज्य आपातकालीन सेवा डायल-112 के आधिकारिक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर भेजी गई थी।
सूने आंगनों में खिलखिलाहट की गूंज और तरसती बांहों को आखिरकार एक अधूरा-सा सुकून मिल गया। मध्य प्रदेश में ममता का दायरा और परिवारों का दिल इस कदर बढ़ा है कि बीते पांच वर्षों के सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए। लगातार दूसरे साल यह साबित हुआ है कि समाज की सोच में एक मानवीय बदलाव आ रहा है।
जबलपुर में लगातार बारिश के बाद बरगी बांध का जलस्तर 101% पार हो गया है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 5 गेट खोले गए हैं, जिससे नर्मदा के घाटों पर जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
भोपाल के अवधपुरी में कांग्रेस के पूर्व पार्षद मुकेश गजभिए ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। वे लंबे समय से सिकल सेल बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस जांच में जुटी।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भोपाल मंडल से गुजरने वाली 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा, नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 2 ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर में 3 से 5 अक्टूबर तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक होने जा रही है। शताब्दी वर्ष के समापन और संगठनात्मक बदलावों पर चर्चा के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मंडला नगर पालिका CMO गजानन नाफड़े 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार। 15 लाख के भुगतान के एवज में मांग रहे थे कमिशन।
सतना में शिक्षक दंपती के सूने मकान का ताला तोड़कर जेवर और नकदी चोरी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार हुए। पुलिस ने करीब आठ लाख रुपये का सामान बरामद किया, सराफा कारोबारी फरार है।
सतना में शादी से इनकार करने पर महिला पर दिनदहाड़े चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया।

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