मध्यप्रदेश में तीन साल बाद होने वाली फिजिकल कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ 5 और फिसड्डी 5 जिलों की समीक्षा की जाएगी। दो दिन तक चलने वाली कॉन्फ्रेंस में 8 सेशन होंगे। एक सेशन के लिए 75 मिनट का समय रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के संबोधन से होगा।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में तीन साल बाद होने वाली फिजिकल कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ 5 और फिसड्डी 5 जिलों की समीक्षा की जाएगी। दो दिन तक चलने वाली कॉन्फ्रेंस में 8 सेशन होंगे। एक सेशन के लिए 75 मिनट का समय रहेगा। जिन विषयों पर चर्चा की जाना है उसमें संबंधित अधिकारी को प्रजेंटेशन के लिए अधिकतम 20 मिनट मिलेंगे। दरअसल, सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 7 और 8 अक्टूबर को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर में होने वाली कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विषय संयोजक को प्रस्तुति के लिए अधिकतम 20 मिनट मिलेंगे और हर क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताएं बताई जाएंगी। सरकार के विजन के अनुरूप केंद्र और राज्य सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ पांच और कमजोर पांच जिलों की समीक्षा की जाएगी।
कलेक्टरों के सुझावों पर ध्यान केंद्रित कर आने वाली विशिष्ट समस्याएं, मुद्दे और जिला स्तर पर उस क्षेत्र के साथ अन्य किसी क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचार पर चर्चा की जाएगी। मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय और योजना विभाग चुनिंदा कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और नवाचार, जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक संवाद (जन संवाद) वीसी के माध्यम से इच्छित परिणाम प्राप्ति पर चर्चा होगी।
जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, लोगों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच और पहलों के बारे में जागरूकता पर चर्चा होगी। सभी 8 सेक्टरों के लिए 75 मिनट का सत्र समय रखा गया है। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सत्र 7 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा परिचय, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के संबोधन से होगा। 8 अक्टूबर की गतिविधियों के अंतर्गत सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक मुख्य सचिव अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, आयुक्त जनसंपर्क द्वारा अपेक्षाओं के साथ विविध चर्चाएं की जाएगी।
कॉन्फ्रेंस सत्र में संयोजक कृषि उत्पादन आयुक्त, सदस्य कृषि/बागवानी/पशु चिकित्सा/सहकारी द्वारा कलेक्टर्स के बीच कृषि एवं संबद्ध विषयों पर चर्चा की जाएगी।दूसरा सत्र- प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सदस्य सचिव डब्ल्यूपीसी, निदेशक एनएचएम कलेक्टर के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण पर चर्चा केन्द्रित होगी। तीसरा सत्र- प्रमुख सचिव उद्योग, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, वित्त विभाग द्वारा कलेक्टर्स के बीच रोजगार, उद्योग और निवेश चर्चा पर रहेगा। चौथा सत्र- संयोजक अपर मुख्य सचिव-शहरी द्वारा शहरी विषयों पर चर्चा होगी। पांचवां सत्र- संयोजक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, अपर मुख्य सचिव वित्त/ प्रमुख सचिव राजस्व/विधि द्वारा सुशासन पर चर्चा होगी। छठवां सत्र- संयोजक प्रमुख सचिव-स्कूल शिक्षा, प्रमुख सचिव जनजाति कार्य चर्चा करेंगे। सातवां सत्र- प्रमुख सचिव पीएचई/प्रमुख सचिव जनजाति कलेक्टर्स के बीच रिसर्च और विकास एवं जनजातीय गतिविधियों पर चर्चा करेंगे। आठवां सत्र- नियम और कानून पर विस्तार से मंथन किया जाएगा।


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