जेएनयू परिसर में एक बार फिर हिंसक झड़प की घटना सामने आई है, जिसने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए है। छात्रों का कहना है कि परिसर में लगातार बढ़ते विवाद, धरना-प्रदर्शन और टकराव से पढ़ाई प्रभावित हो रही है और गैर-राजनीतिक छात्रों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
By: Arvind Mishra
Feb 23, 202612:14 PM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
दिल्ली के जवाहरलाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में एक बार फिर छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हो गई। देर रात छात्रों के दो गुटों की आपस में हिंसक झड़प होने का दावा किया जा रहा है। छात्र कैंपस के स्कूल एरिया में पढ़ाई कर रहे थे, तभी वाम दलों से जुड़े ग्रुप ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया, जबकि वाम दलों का कहना है कि हमला एबीवीपी की ओर से किया गया है। छात्रों के अलग-अलग गुटों ने एक दूसरे पर मारपीट और पत्थरबाजी के भी आरोप रहे हैं। दरअसल, जेएनयू परिसर में एक बार फिर हिंसक झड़प की घटना सामने आई है, जिसने विवि के शैक्षणिक माहौल और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए है। छात्रों का कहना है कि परिसर में लगातार बढ़ते विवाद, धरना-प्रदर्शन और टकराव से पढ़ाई प्रभावित हो रही है और गैर-राजनीतिक छात्रों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। बीती देर रात छात्र संगठनों के बीच मारपीट से जुड़ा है, जिसके करीब 1:30 बजे शुरू होकर सुबह 3 बजे तक चलने की बात कही जा रही है। आरोप है कि इस दौरान वामपंथी छात्रों ने एबीवीपी छात्रों के साथ मारपीट की। इस दौरान छात्रों को जहां भी छुपने की जगह मिली छुप गए।
कोई झाड़ियों में छिपा तो कोई जंगल में
कई छात्रों को वामपंथी छात्रों ने ढूंढकर मारा। कई एबीवीपी छात्र अपनी जान बचाने के लिए झाड़ियों में छुपे, तो कई घने कैंपस के घने जंगल में। एबीवीपी से जुड़े छात्रों का आरोप है कि वे केवल एक प्रदर्शन देखने पहुंचे थे, तभी एक समूह ने उन्हें घेरकर लात-घूंसों, बेल्ट और ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर दिया। कुछ छात्रों ने दावा किया कि हमलावरों के पास धारदार हथिया भी थे। इससे अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र घायल हो गए हैं।
निष्पक्ष जांच और सख्त एक्शन की मांग
घटना से जुड़े वीडियो में एक सुरक्षाकर्मी भी नजर आ रहा है। आरोप है कि लंबे समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रहने के बावजूद झड़प की रोकथाम के प्रभावी प्रयास नहीं हुए। जेएनयू सुरक्षा और जेएनयू प्रशासन की ओर से छात्रों को रोकने के कोई आॅर्डर नहीं मिले और न ही प्रशासन की ओर से इस इस मामले को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया गया है। छात्रों का कहना है कि हाल के समय में परिसर में तोड़फोड़ और विवाद की घटनाओं ने पढ़ाई के माहौल को प्रभावित किया है।