हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स में तेजी के बाद गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी में भी गिरावट रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 में तेजी है। एनएसई का पीएसयू बैंकिंग इंडेक्स सबसे ज्यादा चढ़ा है। इसके अलावा, मीडिया, मेटल, फार्मा और आटो में भी तेजी है।

मुंबई। स्टार समाचार वेब
हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स में तेजी के बाद गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी में भी गिरावट रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 में तेजी है। एनएसई का पीएसयू बैंकिंग इंडेक्स सबसे ज्यादा चढ़ा है। इसके अलावा, मीडिया, मेटल, फार्मा और आटो में भी तेजी है। वहीं, आईटी रियल्टी और एफएमसीजी में बिकवाली के चलते गिरावट है।
दरअसल, शेयर बाजार में हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स की सपाट चाल देखने को मिली। सुबह बीएसई के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 66.76 अंकों की हल्की तेजी दर्ज की गई और यह 84,845.60 अंक पर कारोबार कर रहा था, लेकिन कुछ घंटों बाद सेंसेक्स में 230 अंक की गिरावट आई। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 सूचकांक भी 14.25 अंक की बढ़त के साथ 25,980.30 के स्तर पर खुला और उसके बाद लुढ़ककर 25900 के करीब चला गया।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 पर मिली-जुली चाल देखने को मिली। जिन शेयरों में मजबूती रही उनमें एसबीआई, भारती एयरटेल, टाइटन और एलएंडटी शामिल हैं। वहीं, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और ओएनजीसी जैसे दिग्गज स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक का कहना है कि बाजार का ओवरआल सेंटिमेंट फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत है और वैश्विक संकेत भी फिलहाल बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च चीफ विनोद नायर का कहना है कि यूएस-चीन व्यापार वार्ता में प्रगति से घरेलू बाजार में व्यापक सुधार देखा गया है। अमेरिका में खुदरा मुद्रास्फीति उम्मीद से बेहतर रहने से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बढ़ी हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी और मजबूत घरेलू सुधारों ने घरेलू आय वृद्धि के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही मौजूदा प्रीमियम वैल्यूएशन को उचित ठहराया है।
एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी 1.13 फीसदी नीचे 3,996 पर और जापान का निक्केई 0.18 प्रतिशत नीचे 50,419 पर कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.031 फीसदी गिरकर 26,425 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.21 प्रतिशत चढ़कर 4,005 पर कारोबार कर रहा है। 27 अक्टूबर को अमेरिका का डाउ जोन्स 0.71 फीसदी ऊपर 47,544 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट में 1.86 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में 1.23 फीसदी तेजी रही।

भारतीय अर्थव्यवस्था ने पकड़ी तेज रफ्तार। MoSPI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7% रही, जबकि चौथी तिमाही में यह 7.8% दर्ज की गई। रियल और नॉमिनल जीडीपी की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से द्विपक्षीय व्यापार समझौते और सेक्शन 301 टैरिफ उपायों को लेकर गहन चर्चा चल रही है। जानिए 7 जुलाई को होने वाले अंतिम फैसले और वाणिज्य मंत्रालय के इस कदम के मायने।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
दुनिया के टॉप अरबपतियों की सूची में बड़ा उलटफेर हो गया है। जहां एलन मस्क से लेकर मार्क जुकरबर्ग और जेफ बेजोस को बड़ी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर 81 साल के अरबपति लैरी एलिसन ने जोरदार कमाई की है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी का माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। कई दिग्गज शेयरों में गिरावट से बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
आज यानी जून महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की है। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र की मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
आज यानी 1 जून-2026 से केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कुछ में तो राहत दी है, लेकिन कुछ जगह जनता को अपनी जेब ढीली करनी पडेगी। कॉमर्शियल सिलेंडर सोमवार से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है।
घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त विधिक फैसला लिया है। सरकार ने गैस कंट्रोल आर्डर में बड़ा संशोधन करते हुए साफ कर दिया है कि अब देश के किसी भी एक घर में केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा।

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