नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 23 लोगों को बचाया जा चुका है। रेस्क्यू आपरेशन के दौरान जब एक मां का शव उसके चार साल के मासूम बेटे को सीने से लगाए मिला, तो वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप उठी।


जबलपुर। स्टार समाचार वेब
नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 23 लोगों को बचाया जा चुका है। रेस्क्यू आपरेशन के दौरान जब एक मां का शव उसके चार साल के मासूम बेटे को सीने से लगाए मिला, तो वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप उठी। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। दरअसल, मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। 23 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन के मुताबिक 10 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 40 से 45 पर्यटक सवार थे।

सुबह फिर शुरू किया रेस्क्यू
हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रेस्क्यू में एनडीआरएफ ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू जारी है।
सीएम ने किया 4-4 लाख के मुआवजे का एलान
मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। हादसे कमें अब तक 9 लोंगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं रेस्क्यू अब भी जारी है। इस भयावह हादसे प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने शोक जताया है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का एलान भी किया है। राज्य सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है। कुछ लोगों को बचा लिया गया है, वहीं कुछ की तलाश अब भी जारी है। सीएम ने कहा कि जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दु:खद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू फोर्स का आॅपरेशन लगातार जारी है। सीएम ने संवेदना जताते हुए कहा है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार संवेदनशीलता पूर्ण प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
सेना और स्पेशल टीमों ने संभाला मोर्चा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ अब राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी तैनात की गई हैं। आर्मी भी मौके पर मौजूद है। हैदराबाद से एक स्पेशल टीम और हेलीकॉप्टर रवाना किया गया है। कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद से 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश जारी है।
दूसरे राज्यों के पर्यटक भी थे
कुछ मृतकों की पहचान हो गई है। कोतवाली निवासी कोतवाली निवासी नीतू सोनी (43), दिल्ली कैंट निवासी मधुर मसीह (62), खमरिया निवासी सौभाग्य अलगन (42) एवं तमिल (5) के रूप में हुई है। घटना में बचाए गए कुछ पर्यटक घायल है, जिन्हें अलग-अलग अस्पताल में भर्ती किया गया है। घायल और लापता पर्यटकों में उत्तर प्रदेश, काठमांडू सहित शहर से बांध घूमने गए पर्यटक शामिल है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी
दिल्ली के रहने वाले प्रदीप कुमार इस हादसे में किसी तरह बच गए, लेकिन उनकी पत्नी और बेटा अब भी लापता हैं। प्रदीप ने हादसे की भयावह कहानी सुनाते हुए क्रूज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि क्रूज पर सुरक्षा इंतजाम नाममात्र के थे। क्रू के दो सदस्य मौजूद थे, लेकिन जब हालात बिगड़े तो उन्होंने यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ दिया। प्रदीप के मुताबिक, किसी को समय पर लाइफ जैकेट तक नहीं दी गई।
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