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जस्टिस ने कहा- न्यायपालिका की आजादी के लिए सबसे बड़ा खतरा सिस्टम के अंदर 

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने न्यायपालिका की आजादी को लेकर सरकार को सवालों के कठघरे में ला खड़ा किया। उन्होंने कहा-न्यायपालिका की आजादी के लिए सबसे बड़ा खतरा सिस्टम के अंदर ही है।

By: Arvind Mishra

Jan 25, 202611:08 AM

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जस्टिस ने कहा- न्यायपालिका की आजादी के लिए सबसे बड़ा खतरा सिस्टम के अंदर 

स्टिस उज्ज्वल भुयान ने सरकार को सवालों के कठघरे में खड़ा किया।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने कॉलेजियम को लेकर उठाए सवाल

जस्टिस श्रीधरन के तबादले को लेकर केंद्र सरकार के प्रभाव पर जताई चिंता

जस्टिस ने कॉलेजियम प्रणाली में कार्यकारी हस्तक्षेप को दुर्भाग्यपूर्ण बताया

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने न्यायपालिका की आजादी को लेकर सरकार को सवालों के कठघरे में ला खड़ा किया। उन्होंने कहा-न्यायपालिका की आजादी के लिए सबसे बड़ा खतरा सिस्टम के अंदर ही है। जस्टिस भुयान ने केंद्र के सुझाव पर जस्टिस अतुल श्रीधरन को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने के कॉलेजियम के फैसले पर अपनी असहमति और निराशा जताई। गौरतलब है कि जस्टिस श्रीधरन की अध्यक्षता वाली बेंच ने ही मई 2025 में मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह के खिलाफ कर्नल सोफिया कुरैशी के लिए अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के लिए खुद ही संज्ञान लिया था और जमकर फटकार भी लगाई थी। इसके बाद मामला देशभर में सुर्खियों में रहा।

कॉलेजियम में दखल दुर्भाग्यपूर्ण

 उक्त बातें जस्टिस भुयान ने पुणे के आईएलएस लॉ कॉलेज में संवैधानिक नैतिकता और लोकतांत्रिक शासन विषय पर प्रिंसिपल जीवी पंडित मेमोरियल में कही। जस्टिस ने कहा-यह कॉलेजियम सिस्टम में कार्यकारी प्रभाव का एक बड़ा दखल दिखाता है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

अक्टूबर में भेज दिया था इलाहाबाद

कॉलेजियम ने जस्टिस श्रीधरन को अक्टूबर में इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया था। कई कानून विशेषज्ञों ने इसे सरकार के लिए असुविधाजनक आदेश पारित करने के लिए एक दंडात्मक कदम बताया।

कॉलेजियम ने नहीं मानी केंद्र की बात

जस्टिस श्रीधरन का नाम लिए बिना, जस्टिस भुयान ने पूछा कि किसी जस्टिस को सिर्फ इसलिए एक हाई कोर्ट से दूसरे हाई कोर्ट में क्यों ट्रांसफर किया जाना चाहिए, क्योंकि उसने सरकार के खिलाफ कुछ असुविधाजनक आदेश पारित किए थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अगस्त 2025 में जस्टिस श्रीधरन का ट्रांसफर मप्र से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में करने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र की अपील पर कॉलेजियम ने अपना फैसला बदल दिया।

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