मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की आज यानी सोमवार से हंगामेदार शुरुआत हुई। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने बीच-बीच में टोकाटाकी कर हंगामा खड़ा किया। इसी बीच अभिभाषण पूरा होने के बाद सदन की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। दरअसल, सदन की कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ।

राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने बीच-बीच में टोकाटाकी कर हंगामा खड़ा किया।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की आज यानी सोमवार से हंगामेदार शुरुआत हुई। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने बीच-बीच में टोकाटाकी कर हंगामा खड़ा किया। इसी बीच अभिभाषण पूरा होने के बाद सदन की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। दरअसल, सदन की कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई। राज्यपाल ने सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।

अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा
राज्यपाल ने अभिभाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि देश ऐसी दहलीज पर खड़ा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उन्होंने उद्योगों के अनुकूल वातावरण, भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
दूषित पानी से मौत का मुद्दा गायब
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा- नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा भाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा। राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा।
मंत्री बोले- कोई किसान योजना से बाहर नहीं हुआ
इधर, विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसी भी किसान को बाहर नहीं किया गया है। वहीं कांग्रेस विधायक सुजीत सिंह चौधरी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 1.60 लाख किसानों को बाहर किए जाने पर कहा कि सरकार धीरे-धीरे लाभार्थियों की संख्या घटा रही है।
तीन मंत्रियों का बैठने का अधिकार नहीं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीन आरोपित मंत्रियों को बजट सत्र में बैठने का अधिकार नहीं है। उनका कहना था कि उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि ऐसे मंत्रियों को सदन में न बैठाया जाए। उन्होंने मंत्री विजय शाह का नाम लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग उठाई
कांग्रेस सदस्यों का कहना था कि उन्होंने भागीरथपुरा कांड को लेकर मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग उठाई। लेकिन अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने निर्देश दिए कि कार्यवाही में केवल अभिभाषण शामिल होगा। कांग्रेस के सोहनलाल बाल्मीक ने कहा कि संसद में राहुल गांधी और यहां पर हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है।


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