एअर इंडिया की दिल्ली-वैंकूवर फ्लाइट AI-185 को गलत विमान मॉडल के कारण चीन के ऊपर से यू-टर्न लेना पड़ा। जानें इस 7 घंटे की उड़ान और एयरलाइन को हुए लाखों के नुकसान की पूरी जानकारी।
By: Star News
Mar 20, 20266:47 PM
भारतीय एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया (Air India) की एक गंभीर तकनीकी चूक के कारण दिल्ली से वैंकूवर (कनाडा) जा रही फ्लाइट AI-185 को उड़ान भरने के करीब 7 घंटे बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा।
दरअसल, एयरलाइन ने गलती से यात्रियों को बोइंग 777-300 ER के बजाय बोइंग 777-200 LR विमान में बिठा दिया था। अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के अनुसार, कनाडा ने एअर इंडिया को केवल '300 ER' मॉडल के संचालन की अनुमति दी है। जब विमान चीन के कुनमिंग एयरस्पेस तक पहुँचा, तब इस नियामक त्रुटि का पता चला, जिसके बाद विमान को बीच रास्ते से वापस दिल्ली मोड़ दिया गया।
300 यात्री सात घंटे हवा मेें रहे
इस परिचालन संबंधी चूक (Operational Issue) के कारण एअर इंडिया को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। 300 से अधिक यात्रियों के साथ 7 घंटे तक हवा में रहने के दौरान विमान ने लगभग 60 लाख रुपये का ईंधन (Fuel) खर्च किया। फ्लाइटट्रैकर डेटा के अनुसार, विमान ने सुबह 11:34 बजे उड़ान भरी थी और शाम 7:19 बजे वापस लैंड किया। कंपनी ने प्रभावित यात्रियों को होटल की सुविधा प्रदान की और शुक्रवार, 20 मार्च को उन्हें दूसरी फ्लाइट से रवाना किया गया। सूत्रों का कहना है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
कार्गो सेक्शन में फायर अलर्ट
इसी बीच, एअर इंडिया की एक अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ान में भी तकनीकी आपातकाल की स्थिति बनी। न्यूयॉर्क से मुंबई आ रही फ्लाइट AI-116 को कार्गो सेक्शन में 'फायर अलर्ट' मिलने के बाद सऊदी अरब के मदीना में डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि, मदीना एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद की गई गहन जांच में आग का कोई संकेत नहीं मिला और अलर्ट को तकनीकी खराबी (False Alarm) घोषित कर दिया गया। जांच पूरी होने के बाद विमान को फिर से उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।