नेपाल की राजनीति में बालेन शाह का उदय। जानें कैसे एक इंजीनियर और रैपर ने केपी शर्मा ओली को हराकर रचा इतिहास और रामनवमी पर ली सांसद पद की शपथ।
By: Ajay Tiwari
Mar 26, 20264:25 PM
नेपाल की सियासत में एक नया इतिहास रचा जा चुका है। 'जेन-जी' (Gen Z) के चहेते और युवाओं के आइकन बालेन शाह ने रामनवमी के पावन अवसर पर सांसद पद की सदस्यता ग्रहण की। उनकी पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने हालिया चुनावों में 275 सीटों में से 182 पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। नेपाल के लोकतांत्रिक इतिहास में 1999 के बाद यह पहला मौका है, जब किसी दल को इतना प्रचंड बहुमत हासिल हुआ है। प्रतिनिधि सभा के वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी ने बालेन शाह सहित अन्य नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई।
महज 35 वर्ष के बालेन शाह बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। राजनीति के मैदान में उतरने से पहले वे एक सफल स्ट्रक्चरल इंजीनियर और मशहूर हिप-हॉप स्टार रह चुके हैं। काठमांडू के मेयर के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ने के बाद अब वे देश के सर्वोच्च पद की ओर अग्रसर हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल शुक्रवार को उन्हें आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। बालेन की आगामी कैबिनेट में 15 से 18 मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है, जो देश के विकास के लिए नए विजन के साथ काम करेंगे।
इस चुनाव ने नेपाल के स्थापित राजनीतिक घरानों जैसे नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल के वर्चस्व को हिला कर रख दिया है। बालेन शाह की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने झापा-5 सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 50,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से पराजित किया। युवाओं के बीच भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और भाई-भतीजावाद के खिलाफ उनकी मुखर आवाज ने उन्हें एक जननायक बना दिया है।
काठमांडू के मेयर रहते हुए बालेन शाह को 'नेपाल का बाबा बुलडोजर' कहा जाने लगा। उन्होंने अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कई सख्त फैसले लिए। तुकुचा नदी के पुनरुद्धार के लिए चलाया गया अभियान और बड़े होटलों-रेस्तरां के अवैध निर्माणों पर चली जेसीबी ने उन्हें खूब सुर्खियां दिलाईं। हालांकि, उनके आलोचकों ने इसे 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दिया, लेकिन अवैध डिजिटल होर्डिंग्स हटाकर सरकारी खजाने में लाखों का टैक्स जमा कराने के उनके फैसले को जनता ने काफी सराहा।
बालेन शाह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित टेक्नोक्रेट भी हैं। संगीत की दुनिया में उनकी पहचान 2012 के लोकप्रिय गीत 'स्ट्रीट चाइल्ड' (गली का छोरा) से शुरू हुई थी। उनके गीतों में सामाजिक व्यवस्था पर तीखे प्रहार और आम जनता का दर्द झलकता है। 2013 की यूट्यूब सीरीज 'रॉ बार्ज' से उन्हें जो शोहरत मिली, उसने उन्हें नेपाली युवाओं का निर्विवाद नेता बना दिया। अब नेपाल की जनता को उम्मीद है कि उनकी यह ऊर्जा और विजन देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।