भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UPSC 2025 के 61 सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित किया। सीएम ने अमृतकाल 2047 का लक्ष्य देते हुए युवाओं को ईमानदारी और नवाचार के साथ जनसेवा की सीख दी
By: Ajay Tiwari
Mar 23, 20265:46 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए सोमवार का दिन गौरव और प्रेरणा से भरा रहा। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC-2025) की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले प्रदेश के 61 चयनित अभ्यर्थियों का मुख्यमंत्री निवास पर भव्य सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न केवल इन प्रतिभाओं की सफलता की सराहना की, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों और उत्तरदायित्वों का बोध भी कराया। कार्यक्रम के दौरान ‘प्रतिभाओं का वर्जन’ नामक विशेष पत्रिका का अनावरण किया गया और सफल युवाओं के संघर्ष और विजय की कहानी को दर्शाती एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई।
यूपीएससी में चयन केवल एक पड़ाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश के लिए संकल्प, सामर्थ्य और ऊर्जा का संगम है। उन्होंने कहा कि जब देश आजादी के अमृतकाल-2047 की ओर कदम बढ़ाएगा, तब यही युवा अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहकर राष्ट्र निर्माण के साक्षी बनेंगे। सीएम ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस बार टॉप रैंक में भी मध्यप्रदेश के बच्चों ने स्थान बनाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने चयनित अधिकारियों को सीख दी कि यूपीएससी में चयन केवल एक पड़ाव है, असली सेवा और जिम्मेदारी अब शुरू होती है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा बनना सेवा का एक दुर्लभ अवसर है।
किसी भी प्रकार का ठहराव स्वीकार नहीं करें
सफलता के मंत्र साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की असली खूबसूरती यही है कि एक सामान्य परिवार से आने वाली प्रतिभा भी शीर्ष पद पर पहुँच सकती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अधिकारी बनने के बाद किसी भी प्रकार का 'ठहराव' स्वीकार न करें और निरंतर सीखते रहें। डॉ. यादव ने स्पष्ट शब्दों में अपनी अपेक्षाएं रखते हुए कहा कि नए अधिकारी गरीबों की सेवा, नवाचार, आत्मनिर्भरता और ईमानदारी को अपने कार्य की आधारशिला बनाएं। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए युवाओं को समय के अनुसार सही निर्णय लेने और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया।