सोमवार को सोने की कीमत ₹1,283 और चांदी ₹3,215 महंगी हुई। DGFT के नए नियमों के कारण सप्लाई पर असर। जानें आपके शहर में रेट अलग होने की वजह और खरीदारी के टिप्स।

नई दिल्ली: घरेलू सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,283 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं, चांदी भी ₹3,215 की छलांग लगाकर ₹2.31 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है।
केंद्र सरकार ने सोने, चांदी और प्लैटिनम के गहनों के आयात नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इन कीमती धातुओं को 'फ्री' कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ (प्रतिबंधित) कैटेगरी में डाल दिया गया है।
नया नियम: अब विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए व्यापारियों को सरकार से विशेष लाइसेंस लेना होगा।
उद्देश्य: विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है, जिससे बाजार में सप्लाई प्रभावित हुई है और कीमतें बढ़ गई हैं।
इस साल सोने और चांदी की कीमतों ने कई रिकॉर्ड बनाए और गिरावट भी देखी:
सोना: 31 दिसंबर 2025 को सोना ₹1.33 लाख पर था, जो अब तक ₹14,696 महंगा हो चुका है।
चांदी: इस साल अब तक चांदी में ₹608 की मामूली बढ़त दर्ज की गई है।
युद्ध का असर: 29 जनवरी 2026 को सोने ने ₹1.76 लाख का ऑलटाइम हाई छुआ था, लेकिन फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव शुरू होने के बाद कीमतों में भारी गिरावट आई थी। पिछले 38 दिनों में सोना ₹11,206 तक टूट चुका था, जिसमें अब सुधार दिख रहा है।
भारत के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर होने के 4 प्रमुख कारण हैं:
ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा: शहर की दूरी के अनुसार लॉजिस्टिक और सिक्योरिटी का खर्च बढ़ जाता है।
स्थानीय मांग (डिमांड): दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में खपत ज्यादा होने के कारण वॉल्यूम अधिक रहता है, जिससे दरों में अंतर आता है।
ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर की लोकल एसोसिएशन मांग-आपूर्ति के आधार पर रेट तय करती है।
पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक की खरीद कीमत भी ग्राहकों के लिए फाइनल रेट तय करती है।
BIS हॉलमार्क: हमेशा अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे- AZ4524) वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। इससे शुद्धता की गारंटी मिलती है।
कीमत क्रॉस चेक: खरीदारी से पहले IBJA की वेबसाइट पर 24, 22 और 18 कैरेट के रेट जरूर चेक करें और वजन का मिलान करें।

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भारतीय शेयर बाजार में आज बढ़त दर्ज की गई। बुधवार को शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 303.73 अंक चढ़कर 74,222.49 पर पहुंचा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक- निफ्टी 85.40 अंकों की बढ़त के साथ 23,327.50 पर पहुंचा।
भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी देखी गई। जबकि सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं ग्लोबल मार्केट में तेजी- अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की खरीदारी और एशियाई बाजारों में, खासतौर पर दक्षिण कोरिया के कोस्पी में आए उछाल ने घरेलू निवेशकों के सेंटिमेंट को सुधारा है।
मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच एक बार फिर संघर्ष बढ़ने के बाद आज शेयर मार्केट की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इरए सेंसेक्स एक फीसदी से ज्यादा गिर गया। बाजार में गिरावट के बीच रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर दिख रहा है।
रसोई गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा हो गया है। नई दरें रात 12 बजे से लागू हो गई हैं। दिल्ली में अब 14.2 किलो वाला गैस सिलेंडर 913 से बढ़कर 942 रुपए का मिलेगा। तीन महीने में दूसरी बार एलपीजी की कीमत बढ़ाई गई है।
RBI MPC Meeting Decisions: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। जानिए महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और प्लास्टिक नोटों को लेकर केंद्रीय बैंक की क्या योजना है।
भारतीय अर्थव्यवस्था ने पकड़ी तेज रफ्तार। MoSPI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7% रही, जबकि चौथी तिमाही में यह 7.8% दर्ज की गई। रियल और नॉमिनल जीडीपी की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से द्विपक्षीय व्यापार समझौते और सेक्शन 301 टैरिफ उपायों को लेकर गहन चर्चा चल रही है। जानिए 7 जुलाई को होने वाले अंतिम फैसले और वाणिज्य मंत्रालय के इस कदम के मायने।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।