मध्य प्रदेश सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की मांग स्वीकार करते हुए स्टाइपेंड में वृद्धि का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) को आधार बनाया गया है। जानें पीजी छात्र, इंटर्न और सीनियर रेजिडेंट्स की नई सैलरी डिटेल्स।
By: Ajay Tiwari
Mar 13, 20265:46 PM
मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने हाल ही में हुई हड़ताल और मांगों पर विचार करते हुए स्टाइपेंड में संशोधन का आदेश जारी किया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी यह नया वेतनमान 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।

सरकार ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 2.94 के आधार पर गणना की है। विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाली राशि अब इस प्रकार होगी:
| पद / श्रेणी | वर्तमान स्टाइपेंड (₹) | नया संशोधित स्टाइपेंड (₹) |
| इंटर्न डॉक्टर्स | 13,928 | 14,337 |
| पीजी प्रथम वर्ष (PG-1) | 75,444 | 77,662 |
| पीजी द्वितीय वर्ष (PG-2) | 77,764 | 80,050 |
| पीजी तृतीय वर्ष (PG-3) | 80,086 | 82,441 |
| सीनियर रेजिडेंट (SR) | 88,210 | 90,803 |
| जूनियर रेजिडेंट (JR) | - | 63,324 |
| सुपर स्पेशियलिटी (तीनों वर्ष) | - | 82,441 |
स्टाइपेंड में यह वृद्धि जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के कड़े विरोध और 9 मार्च को हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल का परिणाम है। हालांकि, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ हुई सकारात्मक बैठक के बाद डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल 16 मार्च तक स्थगित कर दी थी, जिसके तुरंत बाद सरकार ने यह सुधारात्मक कदम उठाया।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला का बयान:
"जूनियर डॉक्टर हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे न केवल प्रशिक्षण लेते हैं बल्कि मरीजों की सेवा में भी दिन-रात जुटे रहते हैं। सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और डॉक्टरों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है।"
इस निर्णय से प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे PG छात्र, इंटर्न, सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। यह कदम न केवल डॉक्टरों की आर्थिक स्थिति को सुधारेगा बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में भी मदद करेगा।