मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला! जिन क्षेत्रों में PNG पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां 3 महीने में कनेक्शन लेना अनिवार्य है, वरना LPG सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा। जानें पूरी गाइडलाइन।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश में रसोई गैस वितरण प्रणाली को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) की लाइन बिछ चुकी है, वहां अब एलपीजी सिलेंडर की सुविधा स्थायी नहीं रहेगी। अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने इस संबंध में जिला अधिकारियों और गैस कंपनियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अब गैस कंपनियों को सिलेंडर बुकिंग के तुरंत बाद एक SMS भेजना अनिवार्य होगा। इस मैसेज में सिलेंडर की डिलीवरी की सटीक तारीख अंकित होगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के समय की बचत करना है, ताकि उन्हें घर पर सिलेंडर का घंटों इंतजार न करना पड़े।
राज्य सरकार ने उन क्षेत्रों के लिए 'अल्टीमेटम' जारी किया है जहाँ पाइप-लाइन बिछ चुकी है। नियम के अनुसार, पीएनजी सुविधा वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अगले 3 महीने के भीतर कनेक्शन लेना होगा। यदि इस अवधि में आवेदन नहीं किया गया, तो उनका वर्तमान एलपीजी कनेक्शन काटा जा सकता है। स्कूल, हॉस्टल और आंगनवाड़ी जैसे सार्वजनिक संस्थानों को आवेदन के महज 5 दिन के भीतर कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।
गैस और पेट्रोल की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अब तक प्रदेश के 2593 ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें गड़बड़ी पाए जाने पर 9 एफआईआर दर्ज हुई हैं। साथ ही, 583 पेट्रोल पंपों की सघन जांच की गई है। जिला कलेक्टरों और आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में पीएनजी विस्तार की प्रगति की निरंतर समीक्षा करें।
पीएनजी नेटवर्क को तेजी से फैलाने के लिए सरकार युवाओं को इस अभियान से जोड़ रही है। ITI और पॉलिटेक्निक पास छात्रों की सूची गैस कंपनियों को मुहैया कराई जाएगी, जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा और कंपनियों को तकनीकी मैनपावर। इसके अलावा, पाइप-लाइन बिछाने के लिए PWD और अन्य विभागों को आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर अनुमति (ROU) देना अनिवार्य कर दिया गया है।

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