रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सरकारी सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को निजी सेंटर भेजे जाने के आरोप लगे हैं। मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
संजय गांधी अस्पताल में डिप्टी सीएम ने मरीजों की महंगी जांच की सुविधा को आसान बनाने 9 करोड़ की सीटी स्केन मशीन लगवाई। अब इसी मशीन को यहां के डॉक्टर हाथी दंत बनाने पर तुले हैं। मरीजों को सीधे एचआरडी भेज रहे हैं। वहीं जांच के लिए बाध्य कर रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों का भी यही हाल है। अब तक सिर्फ 20 मरीज ही बमुश्किल पहुंचे। सारे बाहर भेज दिए गए।
संजय गांधी अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सीटी स्केन की सुविधा नहीं थी। इस कमी को पूरा करने के लिए प्रबंधन ने एचआरडी यानि रीवा हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर को सुविधाएं शुरू करने की अनुमति दी। एचआरडी को जगह दी गई। एचआरडी पिछले 10 सालों से सीटी स्केन और एमआरआई की जांच मरीजों की कर रहा है। अनुबंध में शर्त थी कि जब तक अस्पताल में यह दोनों सुविधाएं शुरू नहीं हो जाती, तब तक आरएचडी काम करता रहेगा। अब सुपर में दोनों सुविधाएं शुरू हो गर्इं। संजय गांधी अस्पताल में सीटी स्केन मशीन लग गई है। करीब एक साल से यहां जांच जारी है। इसके बाद भी आरएचडी पर ताला नहीं लगा। उल्टा अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को आरएचडी भेज कर डिप्टी सीएम की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को सीधे एचआरडी भेजा जा रहा है। पेड वाले तो भेजे ही जा रहे थे। अब आयुष्मान वालों को भी वहीं भेजा जा रहा है। इससे सिर्फ अस्पताल का ही नुकसान नहीं हो रहा। मरीजों को भी परेशानियां उठानी पड़ रही है। कुल मिलाकर अस्पताल में डॉक्टर और आरएचडी ने एक सिंडीकेट बना लिया है, जो कमीशन के चक्कर में मरीजों को बेचने का काम कर रहे हैं।
कमीशन के फेर में डॉक्टर एचआरडी भेज रहे
आरएचडी सीधे तौर पर संजय गांधी अस्पताल ही नहीं बाहर के प्राइवेट क्लीनिक और अस्पताल के डॉक्टरों से भी सांठगांठ कर रखा है। मोटा कमीशन दिया जाता है। इस कमीशन की रकम मरीजों से वसूली जाती है। यही वजह है कि एचआरडी की जांच महंगी और सुपर, एसजीएमएच की सस्ती है। इसी कमीशन के फेर में संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टर फंसे हुए हैं। कमीशन के चक्कर में मरीजों को रीवा हेल्थ डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा जाता है। आयुष्मान के मरीजों को भी नहीं छोड़ रहे हैं।
मरीजों को दौड़ाया जा रहा है, सेंटर बदलवाने का देते हैं दबाव
संजय गांधी अस्पताल में भर्ती आयुष्मान के मरीजों को सीधे तौर पर ड्यूटी डाक्टर आरएचडी भेजते हैं। आयुष्मान मरीजों को वहां नि:शुल्क जांच सुविधा का फायदा लेने के लिए पहले आयुष्मान सेंटर जाना पड़ता है। वहां से मरीजों को एसजीएमएच के सीटी स्केन सेंटर के लिए रिकमंड किया जाता है। जब यही मरीज आरएचडी जाते हैं तो उन्हें आयुष्मान सेंटर भेजकर जांच केन्द्र बदलने का दबाव बनाया जाता है। मरीज इसी में परेशान होते रहते हैं।
मेडिसिन का एक मामला हाथ लगा
यह सिर्फ हवा हवाई बात नहीं है। आरएचडी के दबाव में पूरा प्रबंधन ही काम कर रहा है। अधीक्षक से लेकर डीन तक इसके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे। इसी का फायदा उठाकर इसने डॉक्टरों को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। डॉक्टरों और आरएचडी की सांठगांठ का खुलासा एक जांच पर्ची में विशेष रूप से आरएचडी को लिखी टीम से भी हुआ है। इसमें मेडिसिन विभाग के आरएमओ विश्वास कुमार त्रिपाठी ने मरीज को आरएचडी में ही सीटी स्केन कराने के लिए लेख किया है। यह मरीज जनरल मेडिसन तृतीय तल में भर्ती है। अब इससे इनकी सांठगांठ का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पेड मरीजों की जांच एसजीएमएच में आती ही नहीं
संजय गांधी अस्पताल में एक साल में अब तक 2280 जांचे हुई। इसमें अधिकांश आयुष्मान या फिर नि:शुल्क जांच ही शामिल हैं। पेड जांच की संख्या एक से डेढ़ दर्जन ही है। अब ऐसे में डॉक्टरों की मिली भगत का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ओपीडी में औसतन मरीज 2 से 3 हजार हर दिन पहुंचते हैं। इनमें से अधिकांश मरीजों को ओपीडी से ही डॉक्टर सीधे सीटी स्केन के लिए आरएचडी भेज देते हैं। यही हाल सुपर स्पशेलिटी अस्पताल का भी है। यहां कर्मचारी ही आरएचडी व प्राइवेट सेंटरों के दलाल बने हुए हैं। मशीनें बंद होने का हवाला देकर मरीजों को बाहर भेज देते हैं।

मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव आज सुबह विधानसभा पहुंचे। उन्होंने यहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कैलाश जोशी जी की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर कहा-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करता हूं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन का दौर खत्म होने के साथ ही चुनावी जंग दिलचस्प हो गई है। उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों से साफ हुआ है कि भाजपा-कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी करोड़पति हैं, लेकिन दोनों पर लाखों का कर्ज भी है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सरकारी सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को निजी सेंटर भेजे जाने के आरोप लगे हैं। मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
रीवा में पुरी धाम की परंपरा अनुसार भगवान जगन्नाथ को दिव्य औषधि अर्पित की गई। उपचार पूर्ण होने के बाद 16 जुलाई को भगवान रथ यात्रा के माध्यम से नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
सतना के पोड़ी पतौरा-धवारी मार्ग की जर्जर हालत से पचास से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण परेशान हैं। बरसात में गड्ढों और कीचड़ के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि सड़क निर्माण की मांग वर्षों से अधूरी है।
कोठी क्षेत्र के रामपुरा गांव में लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला को खाट पर अस्पताल ले जाने का वीडियो वायरल हुआ। ग्रामीणों ने बदहाल सड़क को जिम्मेदार बताया, जबकि प्रशासन ने खबर को भ्रामक बताते हुए अपना पक्ष रखा।
सतना में पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक के चेक तकनीकी कारणों से क्लियर नहीं हो रहे हैं। भुगतान अटकने से खाताधारकों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि विभाग से स्पष्ट जवाब अब तक नहीं मिला।
सतना में नर्मदा जल पहुंचाने की परियोजना को लेकर अक्टूबर-नवंबर 2026 की नई समयसीमा सामने आई है। वर्षों से मिलती तारीखों के बीच टनल निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन लोगों का भरोसा अभी भी अधूरा है।
नागौद से गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाई गई प्रसूता की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने समय पर आवश्यक चिकित्सकीय प्रयास किए जाने का दावा किया।
सतना और मैहर में 5वीं-8वीं बोर्ड सेकंड चांस परीक्षा के बाद भी आठ हजार से अधिक छात्र असफल रहे। परिणामों ने स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और बुनियादी शिक्षा की गंभीर खामियां उजागर कर दीं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह